एग्रीवेट: 02 नवंबर 2026, बेंगलुरु: कर्नाटक में नंदिनी दूध 8 रुपये प्रति लीटर महंगा, एक नवंबर से लागू होंगी नई दरें – कर्नाटक में नंदिनी दूध की कीमतों में एक नवंबर से बढ़ोतरी होने जा रही है। कर्नाटक मिल्क फेडरेशन ने दूध के दाम में 8 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की है। इसमें से 7 रुपये सीधे दुग्ध उत्पादक किसानों को दिए जाएंगे, जबकि एक रुपया फेडरेशन और दुग्ध संघों को मिलेगा। राज्य सरकार के अनुसार, दूध उत्पादन, परिवहन और पशु चारे की लागत में लगातार वृद्धि होने के कारण यह बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। हालांकि कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद कर्नाटक में दूध के दाम कई अन्य राज्यों की तुलना में कम बने हुए हैं।कर्नाटक कैबिनेट ने 29 अक्टूबर 2026 को दूध की कीमतों में वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। नई दरें एक नवंबर से प्रभावी होंगी। इस निर्णय से दुग्ध उत्पादक किसानों को मिलने वाला आधार खरीद मूल्य 35 रुपये से बढ़कर 42 रुपये प्रति लीटर हो जाएगा। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार की ओर से मिलने वाला पांच रुपये प्रति लीटर का प्रोत्साहन भी जारी रहेगा। इस तरह किसानों को अब कुल 47 रुपये प्रति लीटर प्राप्त होंगे, जबकि पहले उन्हें 40 रुपये मिलते थे।
कीमतों में संशोधन के बाद नंदिनी शुभम दूध (4.5 प्रतिशत फैट) की कीमत 60 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी। वहीं नंदिनी टोंड दूध की नई कीमत 54 रुपये प्रति लीटर बताई गई है। राष्ट्रीय स्तर पर दूध की औसत कीमत 62.80 रुपये प्रति लीटर बताई गई है। इस लिहाज से कर्नाटक में दूध की कीमतें अभी भी राष्ट्रीय औसत से कम हैं।
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दूध की कीमतों को लेकर किए गए विश्लेषण में शामिल 10 राज्यों में से सात राज्यों की तुलना में कर्नाटक में नंदिनी दूध के दाम कम पाए गए हैं। दिल्ली-एनसीआर में मदर डेयरी टोंड दूध की कीमत 60 रुपये प्रति लीटर है। अमूल ताजा दूध भी 60 रुपये प्रति लीटर की दर से उपलब्ध है। इसके मुकाबले कर्नाटक में नंदिनी टोंड दूध की कीमत 54 रुपये प्रति लीटर है। इस प्रकार यहां उपभोक्ताओं को छह रुपये प्रति लीटर कम कीमत पर दूध मिल रहा है।
कर्नाटक सरकार के मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा के अनुसार, अन्य राज्यों में दूध की औसत कीमत लगभग 56 रुपये प्रति लीटर है, जबकि कर्नाटक में बढ़ोतरी से पहले यह 46 रुपये थी। अब कीमत 54 रुपये होने के बाद भी राज्य में दूध की दर अन्य राज्यों के औसत से लगभग दो रुपये कम है।
दूध की कीमतों में वृद्धि का सबसे महत्वपूर्ण पहलू किसानों को मिलने वाली राशि है। कर्नाटक में अब तक दुग्ध उत्पादकों को आधार खरीद मूल्य के रूप में 35 रुपये प्रति लीटर दिए जा रहे थे, जबकि आंध्र प्रदेश, केरल, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे राज्यों में किसानों को लगभग 41 से 42.24 रुपये प्रति लीटर मिल रहे थे। अब सात रुपये की वृद्धि के बाद कर्नाटक में भी आधार खरीद मूल्य 42 रुपये हो गया है।
दुग्ध संघों की ओर से 8 से 10 रुपये प्रति लीटर तक वृद्धि की मांग की गई थी। कुछ मांगें 12 से 15 रुपये तक की भी थीं। सरकार ने 8 रुपये की वृद्धि को मंजूरी देते हुए इसका बड़ा हिस्सा किसानों तक पहुंचाने का बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। सरकार का तर्क है कि इससे दुग्ध उत्पादकों को बढ़ती लागत के बीच आर्थिक राहत मिलेगी और राज्य में डेयरी व्यवसाय को प्रोत्साहन प्राप्त होगा।