नरवाई जलाने के बजाय फसल अवशेषों से बनाएं जैविक खाद, बढ़ाएं मिट्टी की उर्वरता—जानें पूरा मामला – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: 25 अक्टूबर 2026, नरसिंहपुर: नरवाई जलाने के बजाय फसल अवशेषों से बनाएं जैविक खाद, बढ़ाएं मिट्टी की उर्वरता – मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले में खरीफ फसलों की कटाई एवं हार्वेस्टिंग के दौरान नरवाई जलाने की घटनाओं को रोकने और मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के लिए किसानों से फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करने की अपील की गई है। किसानों से कहा गया है कि वे सोयाबीन, उड़द, मूंग, मक्का एवं धान सहित अन्य फसलों के अवशेषों को खेतों में न जलाएं, बल्कि उनका उपयोग जैविक खाद बनाने तथा पशु चारे के रूप में करें।

मक्का एवं सोयाबीन की कटाई के बाद एकत्रित फसल अवशेषों को आग लगाने के बजाय समीपस्थ गौशाला में उपलब्ध कराएं अथवा गड्ढे में डालकर खाद तैयार करें। सोयाबीन, उड़द, मूंग एवं धान की कटाई स्ट्रा रीपर से करें। इसके उपलब्ध नहीं होने पर एसएमएस (स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम) युक्त हार्वेस्टर का उपयोग करें। इससे फसल अवशेष बारीक होकर खेत में फैल जाते हैं और मिट्टी में मिलकर जैविक खाद का काम करते हैं। इससे रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता कम करने में मदद मिलती है तथा मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती है।किसान अगली फसल की बोनी के लिए सुपर सीडर, हैप्पी सीडर एवं स्मार्ट सीडर का उपयोग कर सकते हैं। एसएमएस युक्त हार्वेस्टर उपलब्ध नहीं होने पर कटाई के बाद बेलर मशीन से फसल अवशेषों की गांठें बनाकर अतिरिक्त आय भी अर्जित की जा सकती है। इन उपायों से नरवाई जलाने की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है।

जिले के किसान नरवाई प्रबंधन एवं एसएमएस युक्त हार्वेस्टर की उपलब्धता संबंधी जानकारी के लिए विकासखंड नरसिंहपुर के ग्राम सिंहपुर के श्री विनीत महाजन के मोबाइल नंबर 9425159953, ग्राम मचवारा के श्री कोक सिंह पटेल के मोबाइल नंबर 7987060192, ग्राम धमना के श्री संदीप गुमास्ता के मोबाइल नंबर 8435471415 व 7000404695 एवं श्री संजय गुमास्ता के मोबाइल नंबर 9617412496 और ग्राम खापा के श्री महेन्द्र पटेल के मोबाइल नंबर 9424997909 पर संपर्क कर सकते हैं। किसानों से अपील है कि वे फसल अवशेषों को जलाने से बचें और पर्यावरण संरक्षण के साथ खेतों की मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नरवाई प्रबंधन के वैज्ञानिक उपाय अपनाएं।

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