रबी सीजन की तैयारियों को लेकर कृषि मंत्री ने की समीक्षा, खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: 02 नवंबर 2026, लखनऊ: रबी सीजन की तैयारियों को लेकर कृषि मंत्री ने की समीक्षा, खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश – उत्तर प्रदेश में आगामी रबी सीजन की तैयारियों को लेकर कृषि विभाग ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने राजधानी लखनऊ स्थित कृषि भवन में रबी सीजन की तैयारियों के संबंध में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज और उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि बुआई के दौरान उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों की अनदेखी और कृषि आदानों की आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि रबी फसलों की बुआई का समय किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में खाद और बीज की उपलब्धता में किसी तरह की बाधा नहीं आनी चाहिए। सभी जिलों में मांग के अनुरूप कृषि आदानों की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए।

मंत्री ने खाद एवं बीज वितरण केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को निर्धारित गुणवत्ता के कृषि उत्पाद उचित समय पर उपलब्ध हो सकें। उन्होंने अधिकारियों को वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखने और किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि किसानों को खाद और बीज के लिए अनावश्यक रूप से परेशान नहीं होना पड़े। विभागीय अधिकारी मैदानी स्तर पर व्यवस्थाओं की समीक्षा करें और आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करें। रबी सीजन के दौरान किसानों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता देते हुए विभागीय अमला सक्रियता से कार्य करे।

कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश की कृषि व्यवस्था में रबी फसलों का महत्वपूर्ण स्थान है। इसलिए बुआई से पहले ही सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जिलों में खाद और बीज के भंडारण, उपलब्धता तथा वितरण की स्थिति पर नियमित नजर रखें। शासन की मंशा है कि किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध हों और वे बिना किसी बाधा के अपनी फसलों की बुआई कर सकें।

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