IMD ने जारी किया अलर्ट, कई राज्यों में भारी बारिश के आसार.. जानें राजस्थान-UP में कैसा रहेगा मौसम – एग्रीवेट

Team Agrivate
6 Min Read

एग्रीवेट: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार को देश के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है. विभाग के मुताबिक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. वहीं, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, केरल और माहे में भी भारी बारिश होने की संभावना है. इसके अलावा कई अन्य इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं.

भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, 20 अक्टूबर को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. इन इलाकों में 19 से 25 अक्टूबर के बीच कई स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है. वहीं, 22 से 25 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश की संभावना भी जताई गई है. इस दौरान कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है. साथ ही, 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है.

MD के मुताबिक, केरल और माहे में 19 से 25 अक्टूबर के बीच कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है. इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है. वहीं, 19 और 20 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है.

IMD के अनुसार, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 19 से 25 अक्टूबर के बीच कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है. 19 से 21 अक्टूबर के दौरान कुछ जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है. 19 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. वहीं, 20 और 21 अक्टूबर को हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. इस दौरान तेज सतही हवाएं भी चलने का अनुमान है.

मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और आसपास के इलाकों में समुद्र तल से करीब 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. इसके अलावा, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान से उत्तर-पूर्व अरब सागर तक एक ट्रफ सक्रिय है. दक्षिण राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में भी ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. इन मौसमी प्रणालियों के कारण विभिन्न इलाकों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है.

इसके अलावा, दक्षिण राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में भी चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. दक्षिण-पश्चिम राजस्थान से उत्तर-पूर्व अरब सागर तक एक ट्रफ भी सक्रिय है. इसके बावजूद, इन मौसमी प्रणालियों के कारण उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी, पश्चिमी और पूर्वोत्तर भारत में सप्ताह के दौरान किसी बड़े मौसमी बदलाव का अनुमान नहीं है. हालांकि, अलग-अलग राज्यों के लिए जारी विशेष मौसम पूर्वानुमान लागू रहेंगे.

Share This Article