कर्नाटक में सूखे का असर! ज्वार 9200 रुपये क्विंटल पर पहुंचा.. 10 साल में सबसे महंगा रेट—पढ़ें इनसाइड स्टोरी – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: कर्नाटक में सूखे का असर दिखने लगा है. इससे खाने-पीने की चीजों के रेट में बढ़ोतरी शुरू हो गई है. लेकिन सबसे ज्यादा ज्वार की बढ़ती कीमतों ने लोगों को परेशान किया है. खासकर उत्तर कर्नाटक में ज्वार लोगों के घरों का बजट बिगड़ रहा है. पिछले दो महीनों में ज्वार के दाम करीब दोगुने हो गए हैं. सितंबर की शुरुआत में इसकी कीमत करीब 5,500 रुपये प्रति क्विंटल थी, जो अक्टूबर में बढ़कर 9,200 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई. ऐसे में कई आम परिवारों ने ज्वार की जगह गेहूं का सेवन शुरू कर दिया है. खास बात यह है कि इस साल ज्वार की कीमत पिछले 10 साल में सबसे ज्यादा है.

ज्वार उत्तर कर्नाटक के प्रमुख अनाजों में शामिल है. कलबुर्गी समेत इस क्षेत्र के कई जिलों में इसकी खेती होती है. हालांकि, इन इलाकों में गंभीर सूखे का असर भी पड़ा है. यहां ज्वार की दो स्थानीय किस्में मालदंडी और गुंडू तेने प्रमुख हैं. कलबुर्गी कृषि उपज मंडी समिति (APMC) के सहायक निदेशक के मुताबिक, ज्वार की मालदंडी किस्म की कीमत अगस्त में 5,500 रुपये प्रति क्विंटल थी, जो सितंबर में बढ़कर 5,650 रुपये हो गई. अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े में इसकी कीमत तेजी से बढ़कर 9,000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई. आंकड़ों के मुताबिक, इस साल ज्वार की कीमत पिछले 10 साल में सबसे ज्यादा है. 2015-16 में इसकी कीमत 3,850 रुपये प्रति क्विंटल थी. वहीं, 2023-24 में सूखे के दौरान यह बढ़कर 8,000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई थी.

APMC के थोक व्यापारी संगमनाथ मुक्का ने द न्यू इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि फिलहाल मालदंडी ज्वार 9,200 रुपये और गुंडू तेने किस्म 9,000 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही है. ज्वार की दूसरी किस्मों के दाम 5,000 से 8,500 रुपये प्रति क्विंटल के बीच हैं. पिछले 10 दिनों से मंडियों में ज्वार की आवक शुरू हो गई है, लेकिन पिछले सालों के मुकाबले इसकी मात्रा काफी कम है.

थोक व्यापारी संगमनाथ मुक्का के मुताबिक, लोग अपनी जरूरत के हिसाब से ज्वार खरीद रहे हैं. उन्हें उम्मीद है कि मंडियों में ज्वार की आवक बढ़ने पर कीमतें कम हो सकती हैं. हालांकि, इस साल जिले में गंभीर सूखे के कारण दाम घटने की संभावना बहुत कम है. उत्तर कर्नाटक में ज्वार की रोटी लोगों के रोजाना के भोजन का अहम हिस्सा है. यह कर्नाटक के दूसरे इलाकों में भी काफी लोकप्रिय है. फिलहाल एक ज्वार की रोटी की कीमत 10 से 15 रुपये है. आशंका है कि आने वाले दिनों में ज्वार महंगा होने से रोटी के दाम भी बढ़ सकते हैं.

वहीं, कर्नाटक इस समय भीषण सूखे का सामना  कर रहा है. राज्य के कुल 240 तालुकों में से 226 को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है. सूखे के कारण खेती और फसलों को करीब 62,481 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है. इस स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र से तत्काल आर्थिक मदद मांगी है.

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