एग्रीवेट: 23 अक्टूबर 2026, भोपाल: मध्यप्रदेश में डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा, 25 दुधारू पशुओं की इकाई लगाने पर मिलेगा अनुदान – मध्यप्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करने के लिए राज्य सरकार डेयरी व्यवसाय को प्रोत्साहित कर रही है। इसी दिशा में डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को 25 दुधारू पशुओं की डेयरी इकाई स्थापित करने के लिए अनुदान देने का प्रावधान किया गया है। योजना का उद्देश्य पशुपालन को व्यावसायिक स्वरूप देना और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना है।
योजना उन किसानों और पशुपालकों के लिए उपयोगी हो सकती है, जो खेती के साथ डेयरी व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं या पहले से संचालित पशुपालन कार्य का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं। इसके तहत निर्धारित मानकों के अनुसार गाय अथवा भैंस की दुधारू पशु इकाई स्थापित की जा सकती है। इससे दूध उत्पादन बढ़ाने के साथ पशुपालकों को नियमित आय का अवसर मिल सकता है।
योजना के तहत 25 दुधारू पशुओं की डेयरी इकाई स्थापित करने में पशुओं की खरीद, पशुशाला निर्माण, परिवहन और बीमा सहित विभिन्न मदों पर खर्च होता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ऐसी इकाई की परियोजना लागत पशुओं की नस्ल और निर्धारित मानकों के आधार पर लगभग 36 लाख से 42 लाख रुपये तक हो सकती है।
हालांकि, परियोजना की कुल लागत और हितग्राही को मिलने वाला अनुदान अलग-अलग विषय हैं। अनुदान की वास्तविक राशि, पात्रता, स्वयं के अंशदान और बैंक ऋण संबंधी शर्तों की पुष्टि योजना के वर्तमान आधिकारिक दिशा-निर्देशों से करना आवश्यक है।
डेयरी इकाई स्थापित करने के इच्छुक किसानों और पशुपालकों को आवेदन करने से पहले योजना की पात्रता, आवश्यक दस्तावेज, पशुओं की निर्धारित नस्ल, इकाई स्थापना की शर्तों और अनुदान संबंधी प्रावधानों की जानकारी प्राप्त करनी चाहिए। इसके साथ ही चारे की उपलब्धता, पशुओं के उपचार, दूध के विपणन और नियमित देखभाल की व्यवस्था पर भी ध्यान देना जरूरी है।
उचित योजना, पशुओं की अच्छी देखभाल और दूध के लिए बाजार उपलब्ध होने पर डेयरी व्यवसाय किसानों की आय बढ़ाने में सहायक बन सकता है।