एग्रीवेट: 23 अक्टूबर 2026, पटना: बिहार में मशरूम उत्पादन को बढ़ावा, 61.60 लाख रुपये से बनेगी स्पॉन उत्पादन इकाई – बिहार में मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने 61 लाख 60 हजार 741 रुपये की राशि स्वीकृत की है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष में इस राशि से पटना स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्वी अनुसंधान परिसर में मशरूम स्पॉन उत्पादन-सह-प्रदर्शन इकाई स्थापित की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों की आय बढ़ाने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के नए अवसर विकसित करना है।
बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा के अनुसार, प्रस्तावित इकाई के माध्यम से किसानों को मशरूम उत्पादन की आधुनिक तकनीकों, वैज्ञानिक तरीके से रखरखाव और बेहतर प्रबंधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही किसानों को गुणवत्तापूर्ण मशरूम स्पॉन यानी बीज उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जाएगा, जिससे उत्पादन और मशरूम की गुणवत्ता में सुधार हो सके।कम जमीन में भी कर सकेंगे मशरूम की खेती
मशरूम उत्पादन की खासियत यह है कि इसके लिए बड़े खेत की आवश्यकता नहीं होती। किसान उपलब्ध कमरे, शेड या अन्य उपयुक्त स्थान पर भी इसकी खेती कर सकते हैं। उचित व्यवस्था होने पर सीमित जगह में कई स्तरों पर उत्पादन करना संभव है। इससे किसान धान, गेहूं और सब्जियों जैसी पारंपरिक फसलों की खेती के साथ मशरूम उत्पादन को अतिरिक्त आय के साधन के रूप में अपना सकते हैं।
मशरूम की खेती शुरू करने से पहले स्थानीय जलवायु के अनुकूल प्रजाति, उत्पादन तकनीक, नमी और तापमान के प्रबंधन तथा बाजार की मांग की जानकारी लेना जरूरी है। गुणवत्तापूर्ण स्पॉन और वैज्ञानिक तरीके अपनाने से उत्पादन में बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत मशरूम उत्पादन, कंपोस्ट निर्माण, स्पॉन उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन से जुड़ी इकाइयों के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने के प्रावधान हैं। इससे इच्छुक किसान और उद्यमी मशरूम उत्पादन के साथ इससे जुड़े दूसरे व्यवसाय भी विकसित कर सकते हैं। मशरूम की बिक्री के लिए स्थानीय बाजार, होटल, सब्जी विक्रेता और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां संभावित माध्यम बन सकती हैं। हालांकि, व्यवसाय शुरू करने से पहले मांग, भंडारण, परिवहन और बिक्री की व्यवस्था का आकलन करना जरूरी है। सरकार की इस पहल से बिहार में कृषि आधारित उद्यमों को प्रोत्साहन मिलने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है। प्रशिक्षण, गुणवत्तापूर्ण बीज और बाजार तक पहुंच बेहतर होने पर मशरूम उत्पादन छोटे किसानों के लिए आय बढ़ाने का एक उपयोगी विकल्प बन सकता है।