पराली जलाने में पंजाब सभी राज्यों से आगे, 50 नए केस सामने आए.. 152 अधिकारियों को नोटिस जारी – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: पंजाब में पराली जलाने के मामलों में बढ़ोतरी जारी है. बुधवार को राज्य में पराली जलाने की 50 नई घटनाएं दर्ज की गईं. इसके साथ ही इस सीजन में ऐसे मामलों की कुल संख्या बढ़कर 454 हो गई है. पराली जलाने के मामलों में पंजाब सभी राज्यों से आगे है. वहीं, मामलों में बढ़ोतरी के बाद प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है. राज्य में 39 एफआईआर दर्ज की गई हैं. वहीं, 106 मामलों में जमीन के रिकॉर्ड अपडेट किए गए हैं. इसके अलावा, निगरानी और जिम्मेदारी संभाल रहे 152 अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं.

21 अक्टूबर तक के आंकड़ों के मुताबिक, पराली जलाने के सबसे ज्यादा 454 मामले पंजाब में दर्ज हुए हैं. इसके बाद मध्य प्रदेश में 393, राजस्थान में 229, उत्तर प्रदेश में 190, उत्तराखंड में 72, हरियाणा में 11 और दिल्ली में एक मामला सामने आया है. इन सात राज्यों में इस सीजन में अब तक पराली जलाने के कुल 1,350 मामले दर्ज किए गए हैं. इनमें बुधवार को सामने आए 85 नए मामले भी शामिल हैं. आंकड़ों से साफ है कि पराली जलाने की घटनाएं  रोकना अभी भी राज्यों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है.

द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में तरनतारन और अमृतसर जिले सबसे आगे हैं. तरनतारन में अब तक 218 और अमृतसर में 125 मामले दर्ज किए गए हैं. सात राज्यों में जिला स्तर पर ये सबसे ज्यादा आंकड़े हैं. वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की उच्चस्तरीय टीम के पंजाब दौरे और अधिकारियों को पराली जलाने की घटनाएं रोकने के निर्देश देने के बावजूद मामले सामने आ रहे हैं.

पराली जलाने की घटनाओं को लेकर पंजाब में कुल 39 एफआईआर दर्ज की गई हैं. ये मामले भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत दर्ज हुए हैं. यह धारा सरकारी अधिकारी के आदेश का पालन नहीं करने से जुड़ी है. दर्ज एफआईआर में से 25 तरनतारन, पांच अमृतसर, तीन जालंधर और दो गुरदासपुर में दर्ज की गई हैं. इसके अलावा फाजिल्का, फिरोजपुर, संगरूर और पटियाला में एक-एक एफआईआर दर्ज  हुई है. आंकड़ों से पता चलता है कि प्रशासन की कार्रवाई के बावजूद राज्य में पराली जलाने की घटनाएं जारी हैं.

पंजाब में पराली जलाने के 142 मामलों में कुल 7.20 लाख रुपये का पर्यावरण मुआवजा लगाया गया है. इसमें से अब तक 3.40 लाख रुपये की वसूली की जा चुकी है. इसके अलावा, 106 मामलों में जमीन के रिकॉर्ड में रेड एंट्री की गई है. इनमें सबसे ज्यादा 75 मामले तरनतारन जिले के हैं. अमृतसर में 19, फिरोजपुर में छह और जालंधर में चार मामलों में जमीन के रिकॉर्ड में रेड एंट्री की गई है. वहीं, फाजिल्का और संगरूर में एक-एक मामला दर्ज किया गया है.

प्रशासन ने पराली जलाने की घटनाओं को रोकने में जिम्मेदारी निभाने वाले 152 नोडल और निगरानी अधिकारियों को चेतावनी और कारण बताओ नोटिस भी जारी किए हैं. अंतरिक्ष से निगरानी और कृषि पारिस्थितिकी तंत्र पर शोध करने वाले संगठन CREAMS के मुताबिक, देशभर के 128 जिलों में पराली जलाने की घटनाएं दर्ज की गई हैं. इनमें पंजाब के 19 जिले शामिल हैं.

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