पौधों पर लग रहे हैं कीड़े और फफूंद? अक्टूबर-नवंबर में आजमाएं ये सस्ते घरेलू उपाय – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: आज के समय में लोग होम गार्डनिंग करने का बेहद ही शौक रखते हैं और वह सब्जियों से लेकर फूल, फलों की पैदावार अपने घर की छत पर करते हैं और सबकुछ ताजा प्राप्त करते हैं, लेकिन अक्टूबर से नवंबर का महीना पौधों के लिए बेहद ही कष्टदायी होता है, क्योंकि इन महीनों में पौधों में कीटों और फफूंद लगने का खतरा अधिक होता हैं, जो पौधे के पत्तों और फल दोनों को खराब कर देते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. आप इस प्राकृतिक कीटनाशक को तैयार कर अपने होम गार्डन को कीड़ों के प्रकोप से बचाव कर सकते हैं.

अगर आप इस मौसम में अपने होम गार्डन को कीटों के प्रकोप से बचाना चाहते हैं, तो आप नीम की खली का प्रयोग कर रोग में नियंत्रण कर सकते हैं इस प्रकार आइए जानें-

नीम का उर्वरक कीटों का चुटकियों में खत्म कर देता हैं, क्योंकि नीम के उर्वरक एक प्राकृतिक जैविक खाद है जो मिट्टी की उर्वरता को बढ़ता है और साथ ही पौधों को संतुलित पोषण देते हैं. इसके अलावा, इस प्राकृतिक कीटनाश्क से जैसे दीमक, कटुआ, सफेद गिंडार, आम की गुजिया,टिडे आदि  नष्ट हो जाते हैं. इससे पौधे भी स्वस्थ रहते हैं और ऐसे में होम गार्डनिंग में खर्च भी कम होता हैं.

नीम उर्वरक बनाने के लिए आप नीम की पत्ती 5 किलोग्राम 10 लीटर पानी में तब तक उबालें  जब तक यह 2.5 लीटर न रह जाए. अब इस 2.5 लीटर नीमयुक्त पानी में 100 लीटर पानी मिलाकर पौधों पर छिड़काव करें. इस छिड़काव से कीट, हरा फुदका,भूरा फुदका, रस चूसने वाले कीटों से भी बचाया जा सकता है. अगर आप अपने घर के होम गार्डन में बैगन, टमाटर की पैदावार करते हैं, तो नीम के इस घोल से बैगन के तना छेदक एवं फल छेदक कीट से बचाया जा सकता है.

अगर आप होम गार्डनिंग करते हैं और हर साल आपके पौधों को कीट नुकसान पहुंचा देते हैं, तो ऐसे में नीम की निम्बोली उवर्रक को बनाकर इसका छिड़काव करना शुरु करें. इस उर्वरक में 16 से अधिक पोषक तत्व, नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटेशियम और प्राकृतिक तत्व होते हैं, जो मिट्टी की उर्वरता बढ़ाते हैं, जड़ों को दीमक और नेमाटोड से बचाते हैं.

नीम की निम्बोली उवर्रक पौधे के लिए बेहद ही फायदेमंद माना जाता है और अगर आप इस प्राकृतिक उर्वरक का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो आइए जानें इसकों बनाने का तरीका-

इस नीम का फल को सुबह उबालकर और गाढ़ा पेस्ट बना लें और इस पेस्ट में 100 लीटर पानी मिलाकर घोल बना लें

इस उर्वरक का इस्तेमाल सब्जी तथा बागों में छिड़काव करें जिससे कीट नियंत्रण करने में मदद मिलेगी और कीट आपके पौधों से दूर रहेंगे.

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