एग्रीवेट: दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही मार्केट में अचानक चीमी की मांग बढ़ गई है. इसके चलते कीमतों में नरमी आने के बाद एक बार फिर से उछाल शुरू हो गई है. उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में कई राज्यों में चीनी के रेट में बढ़ोतरी शुरू हो गई है. उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में करीब 10 दिन पहले तक जो चीनी 50 से 55 रुपये किलो बिक रही थी, अब इसकी कीमत बढ़कर 65 से 70 रुपये किलो हो गई है. वहीं, लगभग यही हाल पंजाब में भी देखने को मिल रही है. यहां पर भी चीनी 70 रुपये किलो हो गई है.
द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब के रोपड़ जिले में चीनी की कमी और बढ़ती कीमतों को लेकर कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है. मिठाई दुकानदारों और किराना के थोक व्यापारियों ने चीनी की सप्लाई में कमी, थोक कीमतों में तेज बढ़ोतरी और कालाबाजारी की आशंका जताई है. उनका कहना है कि अगर यही स्थिति बनी रही, तो दिवाली से पहले मिठाई और त्योहार में इस्तेमाल होने वाली दूसरी चीजें महंगी हो सकती हैं. व्यापारियों के मुताबिक, एक सप्ताह के भीतर चीनी की थोक कीमतों में तेज उछाल आया है. कुछ खरीदारों का दावा है कि उन्हें चीनी 70 रुपये प्रति किलो तक मिल रही है. जबकि, उनके अनुसार, पहले सरकारी स्तर पर तय कीमत करीब 48 रुपये प्रति किलो के आसपास थी. व्यापारियों ने आशंका जताई है कि कीमतों में इस बढ़ोतरी का असर आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है.
व्यापारियों का आरोप है कि चीनी मिलें थोक खरीदारों को सीधे चीनी की सप्लाई नहीं कर रही हैं. इसके कारण उन्हें बिचौलियों से चीनी खरीदनी पड़ रही है. व्यापारियों का कहना है कि बिचौलिए घोषित कीमत से काफी ज्यादा दाम वसूल रहे हैं. नंगल शहर की मशहूर शिमला स्वीट्स के मालिक ईश्वर चैतन्य ने द ट्रिब्यून को बताया कि एक सप्ताह के भीतर चीनी की थोक कीमत 55 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 70 रुपये प्रति किलो हो गई है. इससे मिठाई कारोबारियों की लागत बढ़ गई है. उन्हें आशंका है कि इसका असर दिवाली के दौरान मिठाइयों की कीमतों पर भी पड़ सकता है.
नंगल की शिमला स्वीट्स के मालिक ईश्वर चैतन्य ने कहा कि दिवाली के दौरान मिठाइयां बनाने के लिए बड़ी मात्रा में चीनी की जरूरत होती है. पहले व्यापारी सीधे चीनी मिलों से खरीदारी करते थे, लेकिन इस साल मिलों से सीधे सप्लाई नहीं मिल रही है. ऐसे में उन्हें बिचौलियों से चीनी खरीदनी पड़ रही है, जो काफी ज्यादा कीमत वसूल रहे हैं. चैतन्य के मुताबिक, व्यापारियों को बताया गया था कि सरकार ने चीनी मिलों को 48 रुपये प्रति किलो से ज्यादा कीमत पर चीनी नहीं बेचने का निर्देश दिया है. उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ बिचौलिए बिल में चीनी की कीमत 48 से 55 रुपये प्रति किलो दिखा रहे हैं, जबकि बाकी रकम नकद में ले रहे हैं. इस तरह चीनी की वास्तविक कीमत करीब 70 रुपये प्रति किलो पड़ रही है. इससे दिवाली के दौरान मिठाई कारोबारियों की लागत बढ़ने की आशंका है.