प्याज के दाम में फिर से तेजी, 2 दिन में 18 फीसदी बढ़े थोक भाव.. जानें ताजा रेट—देखें क्या है पूरा सच – एग्रीवेट

Team Agrivate
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प्याज के दाम में फिर से तेजी, 2 दिन में 18 फीसदी बढ़े थोक भाव.. जानें ताजा रेट—देखें क्या है पूरा सच - एग्रीवेट - प्याज दाम में

एग्रीवेट: प्याज की कीमतों में कुछ समय तक गिरावट के बाद अब फिर तेजी आने लगी है. ऐसे में दशहरा और दिवाली तक खुदरा बाजार में प्याज के दाम और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. देश की सबसे बड़ी थोक प्याज मंडी महाराष्ट्र के लासलगांव कृषि उपज मंडी समिति (APMC) में प्याज के औसत भाव पिछले दो दिनों में 18 फीसदी बढ़ गए हैं. इससे पिछले दो हफ्तों से गिरते भाव का रुख बदल गया है और किसानों को राहत मिली है. सोमवार को प्याज का औसत थोक भाव 3,751 रुपये प्रति क्विंटल था, जो बुधवार को बढ़कर 4,400 रुपये प्रति क्विंटल हो गया. हालांकि, व्यापारियों का कहना है कि कीमतों में बढ़ोतरी से भले ही किसानों को राहत मिली है, लेकिन आम उपभोक्ताओं के किचन का बजट बिगड़ सकता है. त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने पर प्याज की रिटेल प्राइस और बढ़ सकती है.

मंडी अधिकारियों के मुताबिक, बाजार में प्याज की आवक  कम होने और मांग बढ़ने से कीमतों में तेजी आई है. पिछले कुछ दिनों से मंडी में प्याज की आपूर्ति घटी है, जबकि मांग बढ़ी है. इसके चलते थोक भाव में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. लासलगांव मंडी में प्याज का औसत थोक भाव इस महीने 1 अक्टूबर को 4,450 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया था. हालांकि, इसके बाद भाव में गिरावट आई और 9 अक्टूबर को यह करीब 3,700 रुपये प्रति क्विंटल रह गया. अब पिछले कुछ कारोबारी दिनों से प्याज की कीमतों में फिर तेजी देखने को मिल रही है.

द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को लासलगांव मंडी में प्याज का न्यूनतम थोक भाव 1,000 रुपये और अधिकतम भाव 4,600 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया. वहीं, औसत भाव 4,400 रुपये प्रति क्विंटल रहा. इस दिन मंडी में करीब 3,000 क्विंटल प्याज की नीलामी हुई. मंडी अधिकारियों के मुताबिक, बाजार में प्याज की आवक कम होने और मांग बढ़ने से भाव में सुधार आया है. इससे प्याज की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच किसानों को कुछ राहत मिली है.

बता दें कि सितंबर 2026 में देश की खुदरा महंगाई बढ़कर 5.54 फीसदी पर पहुंच गई. सितंबर में सबसे ज्यादा महंगाई प्याज की कीमतों में दर्ज की गई. इसके दामों में सालाना आधार पर 108.09 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. यानी पिछले साल सितंबर के मुकाबले प्याज की कीमतों में दोगुने से भी ज्यादा उछाल दर्ज किया गया. इसके अलावा अदरक की कीमतें 62.85 फीसदी और लहसुन की कीमतें 54.62 फीसदी बढ़ीं. नींबू भी महंगा हुआ और इसकी कीमतों में 36.41 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई. इन चीजों के दाम बढ़ने का सीधा असर रसोई के खर्च पर पड़ सकता है. हालांकि, सभी सब्जियों के दाम नहीं बढ़े. सितंबर में आलू की कीमतें सालाना आधार पर 11.50 फीसदी और टमाटर की कीमतें 8.62 फीसदी घटीं.

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