पंजाब बंद के समर्थन में सड़कों पर उतरे किसान, भगवंत मान सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल – एग्रीवेट

Team Agrivate
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पंजाब बंद के समर्थन में सड़कों पर उतरे किसान, भगवंत मान सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल - एग्रीवेट - पंजाब बंद समर्थन

एग्रीवेट: पंजाब में मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान चलाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में बंद का असर पूरे राज्य में देखने को मिल रहा है. गुरुवार सुबह 6 बजे से बंद शुरू हो गया. गांव से लेकर अलग-अलग शहरों में लोग पंजाब बंद के समर्थन में सड़कों पर उतरे हुए हैं. खास बात यह है कि इस बंद का समर्थन किसान संगठनों ने भी किया है. किसान मजदूर मोर्चा (KMM) ने पंजाब सरकार की नशे के खिलाफ नीति पर सवाल उठाए हैं. संगठन ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान राज्य में नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का दावा करते हैं. लेकिन मौजूदा सरकार के कार्यकाल में पंजाब में नशे की बिक्री सबसे ज्यादा हो रही है.

KMM के एक नेता ने न्यूज एजेंसी से बात करते हुए परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में भी राज्य सरकार के बयान पर सवाल उठाए. उन्होंने हत्या को निजी दुश्मनी का मामला मानने से इनकार किया. नेता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि झोटा लोगों के मुद्दों के लिए संघर्ष कर रहे थे और नशा माफिया ने उनकी हत्या की है. नेता ने राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान और पुलिस महानिदेशक (DGP) के इस्तीफे की मांग की. उन्होंने कहा कि राज्य में हालात ठीक नहीं हैं और मुख्यमंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए.

दरअसल, पंजाब में मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान चलाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध आज पंजाब बंद बुलाया गया है. इस बंद को कई किसान संगठनों, राजनीतिक दलों और व्यापारी संगठनों ने बंद का समर्थन किया है. वहीं, कई निजी शिक्षण संस्थानों ने गुरुवार को छुट्टी घोषित कर दी है. हालांकि, सुबह करीब 8 बजे तक मालवा के कुछ जिलों में बंद का असर कम दिखाई दिया. बंद के समर्थन में राज्य के कई इलाकों में किसानों ने सड़कें रोकनी शुरू कर दीं. यह बंद सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक बुलाया गया है.

हालांकि, प्रदर्शनकारी किसान एंबुलेंस और अन्य जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहनों को रास्ता दे रहे हैं. झोटा के पिता और पूर्व सैनिक भीम सिंह ने गुरुवार सुबह लोगों से सड़कों पर उतरकर बंद को सफल बनाने की अपील की. उन्होंने यह अपील ऐसे समय की, जब पिछले कुछ घंटों में राज्य के कुछ इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि हुई है. खास बात यह है कि बंद के दौरान अमृतसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं.

पुलिस के मुताबिक, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. अमृतसर के डीसीपी (सिटी) जसकरण सिंह तेजा ने समाचार एजेंसी से बातचीत में बताया कि शहर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात है और स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है. उन्होंने कहा कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी. दुकानदारों और कारोबारियों पर बंद में शामिल होने के लिए दबाव बनाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.

जसकरण सिंह तेजा ने कहा कि शहर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति शांतिपूर्ण है. उन्होंने कहा कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी. बंद के दौरान शांति बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार है. उन्होंने कहा कि अगर कोई दुकानदार अपनी मर्जी से दुकान बंद करना चाहता है, तो वह ऐसा कर सकता है. लेकिन किसी पर भी दुकान बंद करने या बंद में शामिल होने का दबाव नहीं बनाया जाएगा.

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