एग्रीवेट: Rajasthan DAP Shortage: रबी सीजन में सरसों की बुवाई की तैयारी कर रहे राजस्थान के किसानों के सामने खाद की कमी की परेशानी खड़ी हो गई है. इस वजह से राज्य में डीएपी की उपलब्धता को लेकर सियासत भी तेज हो गई है. पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार पर किसानों को जरूरत के हिसाब से खाद नहीं देने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि है. उनका कहना है कि, सरकारी कीमत पर मिलने वाला डीएपी का बैग किसानों को कथित तौर पर ज्यादा पैसे देकर खरीदना पड़ रहा है. इससे खेती की लागत बढ़ने और समय पर बुवाई करने को लेकर किसानों की चिंता बढ़ सकती है.
अशोक गहलोत ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राजस्थान में डीएपी की कमी के कारण किसानों को परेशानी हो रही है. उनके मुताबिक, डीएपी का एक बैग सरकारी स्तर पर 1,350 रुपये में मिलता है, लेकिन कथित कालाबाजारी के चलते कुछ किसानों को यही बैग 2,100 से 2,200 रुपये तक में खरीदना पड़ रहा है.
अगर किसानों को खाद के लिए इतनी ज्यादा रकम खर्च करनी पड़ती है, तो इससे उनकी खेती का खर्च बढ़ सकता है. खासकर सरसों की बुवाई के समय खाद की जरूरत होती है. ऐसे में खाद समय पर और सही दाम पर नहीं मिलने से किसानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.
पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि, राजस्थान के कई जिलों में सितंबर से ही डीएपी की कमी की शिकायतें सामने आ रही हैं. उनका कहना है कि सहकारी समितियां भी अपनी जरूरत के बारे में सरकार को बता चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त खाद नहीं मिल पाई है. सहकारी समितियों के जरिए किसानों को खाद उपलब्ध कराई जाती है. ऐसे में अगर समितियों तक जरूरत के मुताबिक खाद नहीं पहुंचती, तो किसानों को समय पर डीएपी मिलने में दिक्कत हो सकती है.
डीएपी की किल्लत पर डबल इंजन सरकार फेल है। सरसों की बुवाई का वक्त है और किसान 1350 रुपए का डीएपी कट्टा 2100 से 2200 रुपए में ब्लैक में खरीदने को मजबूर है। सहकारी समितियों ने मांग भेज दी, पर खाद आई ही नहीं।
हालत यह है कि सरकार के अपने कैबिनेट मंत्री और विधायकों को खाद की किल्लत का मुद्दा लेकर मुख्यमंत्री के पास जाना पड़ा, पर अब तक हालात नहीं सुधरे। सितंबर से प्रदेश के अलग-अलग जिलों से यही खबरें आ रही हैं। ऊपर से डीएपी के साथ नैनो डीएपी जैसे उत्पाद जबरन थमाने की शिकायतें भी आ रही हैं।
अन्नदाता ब्लैक में खाद खरीदकर बुवाई करे, यह कैसा विकास है? भाजपा सरकार तुरंत पर्याप्त खाद उपलब्ध कराए और कालाबाजारी करने वालों पर कार्रवाई करे।
– अशोक गहलोत (@ashokgehlot51) 9 अक्टूबर, 2026
गहलोत ने यह भी कहा कि, खाद की कमी का मुद्दा सरकार के अंदर भी उठाया गया है. उनके मुताबिक, मंत्रियों और विधायकों को भी मुख्यमंत्री के सामने इस परेशानी को रखना पड़ा है. इसके बावजूद हालात में सुधार नहीं होने का उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि . उन्होंने यह भी दावा किया कि, डीएपी के साथ नैनो डीएपी भी जबरन खरीदने के लिए किसानों पर दबाव डालने की शिकायतें सामने आ रही हैं.
गहलोत ने राज्य सरकार से मांग की है कि, किसानों को जरूरत के मुताबिक डीएपी उपलब्ध कराई जाए और खाद की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो. रबी सीजन में खाद की समय पर उपलब्धता किसानों के लिए अहम है, क्योंकि बुवाई के दौरान देरी होने से खेती की योजना प्रभावित हो सकती है.