एग्रीवेट: महाराष्ट्र के कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने शनिवार को कहा कि कम बारिश और लंबे समय से जारी सूखे जैसे हालात का असर मराठवाड़ा की फसलों पर पड़ा है. क्षेत्र की 76 तहसीलों में फसलें प्रभावित हुई हैं. उन्होंने कहा कि बारिश की कमी के कारण आने वाले दिनों में चारे और पीने के पानी की कमी का खतरा भी पैदा हो सकता है. सरकार हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत के मुताबिक कदम उठाए जाएंगे. कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने कहा कि मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों में सूखे जैसे हालात से प्रभावित किसानों को सरकार अधिकतम संभव आर्थिक मदद और मुआवजा देगी.
दरअसल, भरणे ने नांदेड कलेक्ट्रेट में हुई बैठक में छत्रपति संभाजीनगर राजस्व संभाग के सभी आठ जिलों में सूखे जैसे हालात की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने फसल, पानी और किसानों की स्थिति की जानकारी ली. कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि फसल कटाई के प्रयोग जल्द और सही तरीके से पूरे किए जाएं. इससे फसल नुकसान का सही आकलन हो सकेगा और ज्यादा से ज्यादा पात्र किसानों को फसल बीमा का लाभ मिल सकेगा.
कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने कहा कि कम बारिश और लंबे समय से जारी सूखे के कारण मराठवाड़ा की 76 तहसीलों में फसलें प्रभावित हुई हैं. उन्होंने कहा कि बारिश की कमी के चलते आने वाले समय में चारे और पीने के पानी की कमी की स्थिति भी बन सकती है. भरणे ने प्रशासन को निर्देश दिया कि किसानों के साथ संवेदनशीलता से पेश आएं. अधिकारियों को किसानों की समस्याओं को समझने और उनकी शिकायतों का जल्द समाधान करने के लिए कहा गया है.
मंत्री दत्तात्रय भरणे ने कहा कि किसानों को आर्थिक मदद देना सरकार की जिम्मेदारी है. उन्होंने अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में पीने के पानी, चारे और लगातार बिजली की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए. भरणे ने कहा कि महाराष्ट्र के करीब 56 लाख किसानों का 40,385 करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया जाएगा. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कर्जमाफी की प्रक्रिया में किसानों को आ रही दिक्कतों को दूर करने में मदद करें. मंत्री ने कहा कि लाभार्थियों की तीसरी सूची जारी हो चुकी है. बाकी पात्र किसानों को लंबित गड़बड़ियों को ठीक करने के बाद चरणबद्ध तरीके से कर्जमाफी का लाभ दिया जाएगा.