त्योहारी सीजन से पहले चीनी के दाम घटने की उम्मीद, 50 रुपये किलो तक आ सकता है भाव.. मंत्री का दावा – एग्रीवेट

atulpradhan
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एग्रीवेट: दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, बिहार और उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में चीनी और प्याज महंगे बिक रहे है. अधिकांश राज्यों में चीनी और प्याज के रेट 60 से 65 रुपये किलो के बीच हैं. ऐसे में उपभोक्ताओं के किचन का बजट बिगड़ गया है. इसी बीच पश्चिम बंगाल के कृषि विपणन मंत्री दिलीप घोष ने कहा है कि त्योहारी सीजन से पहले चीनी के खुदरा दाम घटकर करीब 50 रुपये प्रति किलो तक आ सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि प्याज की कीमतों में भी आगे और नरमी आने की उम्मीद है. दरअसल, अगस्त के मध्य में चीनी के दाम बढ़कर करीब 75 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए थे. इससे आम लोगों के साथ-साथ बंगाल की मिठाई इंडस्ट्री पर भी असर पड़ा था. सरकार की ओर से किए गए कई कदमों के बाद मंगलवार को चीनी का खुदरा भाव घटकर करीब 60 रुपये प्रति किलो रह गया. मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि सरकार ने दूसरे राज्यों की चीनी मिलों, पोस्टा मर्चेंट्स एसोसिएशन और थोक कारोबारियों के साथ कई बैठकें की हैं. इन बैठकों में साफ कहा गया है कि चीनी की कीमतों में कमी होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि त्योहारों में मिठाइयों का खास महत्व है, इसलिए लोगों पर महंगी चीनी का बोझ नहीं पड़ना चाहिए. उन्होंने कहा कि विभाग चीनी के थोक और खुदरा बाजार पर लगातार नजर रखेगा. डानकुनी में चीनी की खेप किस कीमत पर पहुंच रही है और वहां से पोस्टा समेत दूसरे थोक बाजारों तक कैसे पहुंच रही है, इसकी भी निगरानी की जाएगी. कृषि विपणन विभाग के प्रधान सचिव अभिनव चंद्रा ने कहा कि चीनी मिलों, कारोबारियों और बाजार प्रतिनिधियों के साथ विस्तार से चर्चा की गई है. इन बातचीत के बाद सरकार को भरोसा है कि चीनी की कीमतों को घटाकर आम लोगों के लिए किफायती स्तर पर लाया जा सकता है. दिलीप घोष ने कहा कि सरकार उत्तर 24 परगना, नदिया, मुर्शिदाबाद और मालदा में 10 नए प्याज भंडारण केंद्र बनाने जा रही है. इन केंद्रों में बंगाल की अपनी ‘सुख सागर’ किस्म के प्याज को अगस्त से नवंबर के बीच कम सप्लाई वाले समय के लिए सुरक्षित रखा जाएगा. फिलहाल प्याज को आमतौर पर करीब 45 दिन तक ही स्टोर किया जा सकता है. इसके बाद प्याज में अंकुर निकलने लगते हैं. नए भंडारण केंद्रों से प्याज को 60 दिन से ज्यादा समय तक सुरक्षित रखने में मदद मिलने की उम्मीद है. इससे अचानक सप्लाई घटने और कीमतों में तेज बढ़ोतरी की स्थिति से निपटने के लिए बफर स्टॉक तैयार किया जा सकेगा. घोष ने कहा कि वह जल्द ही उत्तर बंगाल का दौरा कर सप्लाई चेन और प्याज की कीमतों की समीक्षा भी करेंगे. उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों और उत्तर बंगाल के लोगों को भी कोलकाता के उपभोक्ताओं की तरह कीमतों में राहत और सरकारी सुविधाओं का लाभ मिलना चाहिए.

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