एग्रीवेट: 09 अक्टूबर 2026, ग्वालियर: ग्वालियर: फूलों की खेती से बदली किसना गजराज की जिंदगी, कमा रहे हैं लाखों रुपए – ग्वालियर जिले के ग्राम भयापुरा निवासी किसान गजराज सिंह कुशवाह ने उन्नत खेती और तकनीकी मार्गदर्शन के जरिए अपनी खेती को लाभ का जरिया बनाया है। कभी अपने पिता को कर्ज की चिंता से जूझते देखकर परेशान रहने वाले गजराज सिंह आज गुलाब की खेती से प्रति हेक्टेयर 5 लाख रुपये से अधिक का लाभ अर्जित कर रहे हैं। आत्मा परियोजना के माध्यम से मिले प्रशिक्षण और मार्गदर्शन ने उन्हें खेती के नए तरीके अपनाने के लिए प्रेरित किया।
गजराज सिंह बताते हैं कि उन्होंने बचपन से अपने पिता रमाजीलाल कुशवाह को खेती करते और कर्ज की चिंता से जूझते देखा। पिता का हाथ बंटाते हुए उन्हें खेती का अनुभव तो मिला, लेकिन मन में हमेशा यह सवाल रहता था कि क्या उनका जीवन भी कर्ज में ही गुजरेगा और उनका परिवार सुखी जीवन नहीं जी पाएगा।
इन्हीं सवालों के जवाब तलाशते हुए वह कार्यालय आत्मा, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, जिला ग्वालियर पहुंचे। यहां अधिकारियों ने उन्हें उन्नत खेती अपनाने और बेहतर लाभ प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया। इसके बाद उन्होंने आत्मा परियोजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त किया और खेती में नवाचार की दिशा में आगे बढ़े।
गजराज सिंह ने शुरुआत में पारंपरिक रूप से उगाई जाने वाली सरसों, चना और गेहूं के स्थान पर सब्जियों की खेती शुरू की। उन्होंने मेथी और मिर्च जैसी नगदी फसलों का उत्पादन किया, जिससे उन्हें अच्छा लाभ मिला। इसके बाद उन्होंने आलू, बैंगन और पपीता जैसी फसलों की खेती भी शुरू की।
आत्मा परियोजना के बीटीएम उदय आर्य और एटीएम आर.के. सिंह ने उन्हें लहसुन की उन्नत खेती की तकनीक के बारे में जानकारी दी। तकनीकी मार्गदर्शन के आधार पर उन्होंने लहसुन की खेती की, जिससे उन्हें एक बीघा में लगभग 50 हजार रुपये का लाभ हुआ। इस सफलता से उनका आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने खेती की नई तकनीकों को अपनाने का फैसला किया।
लहसुन की खेती में सफलता मिलने के बाद गजराज सिंह ने और अधिक तकनीकी जानकारी हासिल करने की इच्छा जताई। आत्मा परियोजना के अधिकारियों ने उन्हें विभिन्न स्थानों का भ्रमण कराया। इस दौरान उन्होंने कृषि की अलग-अलग गतिविधियों के साथ गुलाब की खेती की तकनीक भी सीखी।
प्रशिक्षण और भ्रमण से मिले अनुभव के आधार पर उन्होंने अपने खेत में गुलाब की खेती शुरू की। आज वह गुलाब की खेती से प्रति हेक्टेयर 5 लाख रुपये से अधिक का लाभ अर्जित कर रहे हैं। उनके अनुसार, सही जानकारी और उन्नत तकनीक का उपयोग करके खेती को लाभ का जरिया बनाया जा सकता है।
गजराज सिंह के पास कुल 8.80 हेक्टेयर भूमि है। इसमें वह मिर्च, बैंगन, मेथी, आलू, पपीता और गुलाब सहित विभिन्न फसलों का उत्पादन कर रहे हैं। उन्नत और नवाचार आधारित खेती के जरिए उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर हुई है और उनके बच्चे भी अच्छी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उनके प्रयासों को देखते हुए आत्मा परियोजना की ओर से उन्हें जिला स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पुरस्कार स्वरूप उन्हें 25 हजार रुपये की राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
गजराज सिंह ने इस उपलब्धि के लिए आत्मा परियोजना के अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और प्रोत्साहन ने उन्हें खेती को नई दृष्टि से देखने का अवसर दिया। उनकी कहानी बताती है कि प्रशिक्षण, उन्नत तकनीक और फसल विविधीकरण अपनाकर किसान खेती से बेहतर आमदनी का रास्ता बना सकते हैं।