एग्रीवेट: पंजाब के फाजिल्का जिले की जलालाबाद अनाज मंडी में मार्केट कमेटी (MC) के अधिकारियों ने राजस्थान से बिक्री के लिए लाई गई धान से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर ली. वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार दूसरे राज्यों से धान की आवक रोकने के लिए मंडियों में निगरानी बढ़ा दी गई है. जब्त की गई ट्रैक्टर-ट्रॉली को मार्केट कमेटी परिसर में खड़ा कराया गया है. इस मामले में आरोपी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है.
जिला मंडी अधिकारी सलोद कुमार बिश्नोई ने द ट्रिब्यून से कहा कि मामले में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गई है. अधिकारियों का कहना है कि राज्य के किसानों की उपज की सरकारी एजेंसियों के जरिए पूरी खरीद सुनिश्चित की जाएगी. इसी के चलते दूसरे राज्यों से आने वाले धान पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. कहा जा रहा है कि यह धान राजस्थान के संगरिया इलाके से पंजाब लाई गई थी. बताया जा रहा है कि बेहतर भाव मिलने की उम्मीद में धान को फाजिल्का जिले की मंडी में बिक्री के लिए लाया गया था. मार्केट कमेटी के अधिकारियों के मुताबिक, फाजिल्का जिले में अर्ली परमल हाइब्रिड किस्म की धान को दूसरी जगहों की तुलना में बेहतर भाव मिल रहा था. इसी वजह से दूसरे राज्य से धान लाकर यहां बेचने की कोशिश की गई.
पंजाब में PR किस्म की धान को राइस मिलर्स और निजी व्यापारी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से करीब 5 रुपये ज्यादा भाव पर खरीद रहे हैं. PR धान का MSP 2,461 रुपये प्रति क्विंटल है. बताया जा रहा है कि पड़ोसी राज्यों में धान अपेक्षाकृत कम कीमत पर मिल रही है. ऐसे में वहां के किसान और व्यापारी अपनी उपज पंजाब की मंडियों में लाने की कोशिश कर रहे हैं.
फाजिल्का की डिप्टी कमिश्नर अमरप्रीत कौर साधू ने कहा कि सरकार दूसरे राज्यों की धान को पंजाब की मंडियों में आने की अनुमति नहीं देगी. उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य के किसानों की उपज का एक-एक दाना सरकारी एजेंसियों के जरिए खरीदा जाएगा. उन्होंने कहा कि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और दूसरे राज्यों से धान की आवक रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब खबर है कि सरकार ने इस साल स्थानीय प्रशासन को पिछले साल के मुकाबले कम धान खरीद करने का निर्देश दिया है. बताया जा रहा है कि पड़ोसी राज्यों से पंजाब में धान आने की आशंका के चलते यह फैसला लिया गया है. मार्केट कमेटी के सूत्रों के मुताबिक, पिछले साल फाजिल्का अनाज मंडी और उसके खरीद केंद्रों पर 58,492 मीट्रिक टन (MT) परमल धान पहुंची थी. इस साल सरकार ने इस किस्म की सरकारी खरीद का लक्ष्य 45,073 MT तय किया है. यानी पिछले साल के मुकाबले लक्ष्य में करीब 13,419 MT की कमी की गई है.