एग्रीवेट: 11 अक्टूबर 2026, नई दिल्ली: लौकी की टॉप 10 उन्नत किस्में: पूसा हाइब्रिड-3 से काशी बहार तक, जानें इनकी उत्पादन क्षमता और खासियत – लौकी की खेती किसानों के लिए अच्छी आमदनी का एक विकल्प बन सकती है। इसकी मांग बाजार में बनी रहती है और इससे सब्जी, रायता, कोफ्ता और हलवा जैसे कई व्यंजन बनाए जाते हैं। यही वजह है कि किसान गर्मी और बरसात के मौसम में इसकी खेती करते हैं। हालांकि, लौकी की अच्छी पैदावार के लिए सिर्फ समय पर बुवाई और सिंचाई करना ही काफी नहीं है, बल्कि सही किस्म चुनना भी जरूरी है। लौकी की कुछ किस्में जल्दी तैयार हो जाती हैं, तो कुछ में प्रति हेक्टेयर अधिक उत्पादन मिलने की क्षमता होती है। ऐसे में किसानों के लिए यह जानना जरूरी है कि उनके क्षेत्र और मौसम के हिसाब से कौन-सी किस्म उपयुक्त रहेगी। आइए जानते हैं लौकी की 10 उन्नत किस्मों की खासियत, उनकी उत्पादन क्षमता और खेती के लिए अनुशंसित क्षेत्रों के बारे में।
1. पूसा समृद्धि (Pusa Samridhi)पूसा समृद्धि लौकी की ऐसी किस्म है, जिसके फल लंबे और बिना गर्दन वाले होते हैं। इसकी खासियत इसकी पोषण गुणवत्ता भी है। यह किस्म वसंत-गर्मी और खरीफ मौसम में खेती के लिए उपयोगी है।पकने का समय: 50-55 दिन
2. पूसा नवीन (Pusa Naveen)पूसा नवीन के फल सीधे और बेलनाकार होते हैं। इस किस्म में टेढ़ी गर्दन वाले फल नहीं बनते। इसके एक फल का वजन करीब 550 ग्राम होता है। इसकी खेती वसंत-गर्मी और बारिश के मौसम में की जा सकती है।
3. पूसा समृद्धि से अलग खासियत वाली पूसा संतुष्टि (Pusa Santushti)पूसा संतुष्टि के फल नाशपाती के आकार के होते हैं। यह किस्म कम और अधिक, दोनों तापमानों में फल लगाने की क्षमता रखती है। इसमें 10-12 डिग्री सेल्सियस और 35-40 डिग्री सेल्सियस तापमान पर भी फल लगते हैं। यह किस्म 55-60 दिनों में तैयार हो जाती है।
4. पूसा समर प्रोलिफिक लॉन्ग (Pusa Summer Prolific Long)इस किस्म की बेल तेजी से बढ़ती है और इसमें लंबे, बेलनाकार फल लगते हैं। इसकी खेती देश के विभिन्न हिस्सों में की जा सकती है।
5. पूसा संदेश (Pusa Sandesh)पूसा संदेश के फल आकर्षक हरे रंग के, गोल और चपटे आकार के होते हैं। इनके फल मध्यम आकार के होते हैं और प्रत्येक का वजन करीब 600 ग्राम रहता है। इस किस्म की पहली तुड़ाई खरीफ मौसम में 55-60 दिन और गर्मी के मौसम में 60-65 दिन में की जा सकती है।
6. पूसा हाइब्रिड-3 (Pusa Hybrid-3)पूसा हाइब्रिड-3 के फल हरे रंग के और हल्के क्लब के आकार के होते हैं। इनमें गर्दन नहीं होती, जिससे पैकिंग और लंबी दूरी तक परिवहन करना आसान होता है। इसकी पहली तुड़ाई 50-55 दिनों में की जा सकती है।
7. अर्का बहार (Arka Bahar)अर्का बहार के फल मध्यम लंबे, सीधे और बिना टेढ़ी गर्दन वाले होते हैं। कम उम्र में इसके फल हल्के हरे और चमकदार दिखाई देते हैं। यह किस्म फल के निचले सिरे पर होने वाली सड़न (ब्लॉसम एंड रॉट) के प्रति सहनशील है।
8. काशी बहार हाइब्रिड (Hybrid Kashi Bahar)काशी बहार एक हाइब्रिड किस्म है। इसकी बेल हरी और तेजी से बढ़ने वाली होती है। इसके फल सीधे और हल्के हरे रंग के होते हैं। फल की लंबाई 30-32 सेंटीमीटर और औसत वजन 780-850 ग्राम होता है।
9. काशी गंगा (Kashi Ganga)काशी गंगा लौकी की जल्दी तैयार होने वाली किस्म है। इसके फल हल्के हरे रंग के होते हैं। फल की लंबाई करीब 30 सेंटीमीटर और व्यास 7 सेंटीमीटर होता है। एक फल का वजन लगभग 800-900 ग्राम रहता है।
10. आनंद बॉटल गार्ड-1 (Anand Bottle Gourd-1)इस किस्म के फल लंबे, कोमल और आकर्षक हल्के हरे रंग के होते हैं। फल के डंठल और फूल वाले सिरे का आकार थोड़ा गोल होता है। इसकी त्वचा चिकनी और बिना रोएं वाली होती है। इसकी एक खासियत फलों का लंबे समय तक सुरक्षित रहना है।