एग्रीवेट: Bribery Case: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रिश्वत की शिकायतों पर बड़ा एक्शन लिया है. कृषि विभाग के दो विपणन अधिकारियों नीरज वर्मा और संदीप दीदावत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. दोनों अधिकारियों पर वेयरहाउस संचालकों से सब्सिडी की राशि जारी करने के बदले पैसे मांगने की शिकायत मिली थी. दो दिनों के भीतर रिश्वत के मामले में कृषि विभाग के अधिकारियों पर यह दूसरी कार्रवाई है.
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार, भोपाल में तैनात मार्केटिंग अधिकारी नीरज वर्मा पर सीहोर जिले के वेयरहाउस संचालकों से सब्सिडी की रकम जारी करने के बदले 50 हजार रुपये मांगने की शिकायत थी. वहीं, फरीदाबाद में तैनात मार्केटिंग अधिकारी संदीप दीदावत पर रायसेन के प्रकाश वेयरहाउस के संचालक से निरीक्षण के दौरान 60 हजार रुपये मांगने का आरोप लगा. दोनों मामले वेयरहाउस की जांच और सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी से जुड़े हैं. शिकायतकर्ताओं ने अधिकारियों पर सरकारी काम आगे बढ़ाने के बदले पैसे मांगने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि था.
दोनों अधिकारियों के खिलाफ मिली शिकायत केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान तक पहुंची. इसके बाद उन्होंने कृषि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की जांच करने और जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए. शिकायतों की जांच के बाद नीरज वर्मा और संदीप दीदावत को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया. मंत्रालय की ओर से की गई कार्रवाई के बाद अब दोनों मामलों में विभागीय जांच भी आगे बढ़ सकती है.
शिवराज के एक्शन से कृषि विभाग में रिश्वतखोरी पर सख्ती का संदेश.
रिश्वत की शिकायत पर कृषि विभाग में यह दो दिनों के अंदर दूसरी बड़ी कार्रवाई है. इससे पहले सब्सिडी की रकम जारी करने के बदले रिश्वत मांगने की शिकायत पर मार्केटिंग अधिकारी अनुराग को भी निलंबित किया गया था. अनुराग पर सीहोर जिले के दो वेयरहाउस संचालकों से सब्सिडी जारी करने के बदले 1 लाख और 60 हजार रुपये मांगने की शिकायत सामने आई थी. शिकायत के बाद उन्हें भी तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया था.
कृषि मंत्रालय ने साफ किया है कि किसानों और वेयरहाउस संचालकों से जुड़ी सरकारी योजनाओं में रिश्वत या किसी भी तरह की गड़बड़ी की शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा. मंत्रालय का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो और सब्सिडी की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी हो, इसका ध्यान रखा जाएगा. हालिया कार्रवाई में नीरज वर्मा और संदीप दीदावत के खिलाफ लगे आरोपों की जांच के बाद निलंबन किया गया है. विभागीय जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.