एग्रीवेट: जलवायु अनुकूल खेती करने वाले किसानों को अतिरिक्त कमाई का मौका देने के साथ ही उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए केरल सरकार के प्रोजेक्ट को वर्ल्ड बैंक ने मंजूरी दे दी है. केरल सरकार के कृषि विभाग के अनुसार कार्बन सेल योजना के तहत कार्बन क्रेडिट प्रोजेक्ट (KERA) पर 2365 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इस राशि का लाभ किसानों को मिलेगा और उनकी आय बढ़ेगी.
केरल के कृषि मंत्री टी. सिद्दीकी ने कहा है कि वर्ल्ड बैंक ने केरल के कृषि विभाग के तहत एक कार्बन सेल बनाने के प्रस्ताव का समर्थन किया है. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार इसका मकसद किसानों को जलवायु-अनुकूल खेती के तरीकों से कार्बन क्रेडिट कमाने में मदद करना है. उनके कार्यालय से जारी एक बयान के अनुसार मंत्री और KERA प्रोजेक्ट के लागू होने की समीक्षा के लिए केरल आए वर्ल्ड बैंक मिशन के बीच हुई बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा हुई.
कृषि मंत्री सिद्दीकी ने कहा कि वर्ल्ड बैंक और राज्य सरकार आने वाले महीनों में कार्बन सेल बनाने के लिए मिलकर काम करेंगे. मंत्री ने कहा कि कार्बन क्रेडिट सिस्टम से उन किसानों को आर्थिक प्रोत्साहन मिलना चाहिए जो जलवायु-अनुकूल खेती के तरीके अपनाते हैं. साथ ही, इससे कृषि क्षेत्र में कार्बन सोखने की क्षमता बढ़ेगी और किसानों के लिए आय का एक अतिरिक्त स्रोत भी बनेगा.
उन्होंने कृषि क्षेत्र में जलवायु के प्रति लचीलापन (क्लाइमेट रेजिलिएंस) बढ़ाने के लिए KERA के तहत उपायों को मजबूत करने का भी आह्वान किया. बयान में कहा गया है कि वर्ल्ड बैंक की मदद से लागू किए जा रहे KERA प्रोजेक्ट के तहत केरल के कृषि क्षेत्र को 2,365 करोड़ रुपये मिलेंगे. ‘केरल क्लाइमेट रेजिलिएंट एग्री-वैल्यू चेन मॉडर्नाइजेशन’ (KERA) प्रोजेक्ट केरल सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसे वर्ल्ड बैंक के वित्तीय और तकनीकी सहयोग से लागू किया जा रहा है.
KERA प्रोजेक्ट केरल के कृषि परिदृश्य को बदलने के लिए डिजाइन किया गया है. KERA प्रोजेक्ट जलवायु परिवर्तन, बिखरे हुए बाजारों और अक्षम वैल्यू चेन से जुड़ी बढ़ती चुनौतियों का समाधान करता है, जो विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों को प्रभावित करती हैं. बैठक में चालू वित्त वर्ष के बचे हुए महीनों के दौरान प्रोजेक्ट के लिए आवंटित फंड का अधिक कुशल और तेजी से उपयोग पक्का करने के लिए कदम उठाने का बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया गया.
KERA को कृषि विभाग और वर्ल्ड बैंक की एक बड़ी संयुक्त पहल बताते हुए सिद्दीकी ने कहा कि इस प्रोजेक्ट में केरल के कृषि क्षेत्र में व्यापक बदलाव की काफी गुंजाइश है. उन्होंने प्रोजेक्ट के तहत नारियल की खेती के विकास और उत्पादकता में सुधार, कृषि विपणन को मजबूत करने, किसान उत्पादक संगठनों को सशक्त बनाने और उनके व्यवसायों का विस्तार करने, हाई वैल्यू वाली फसलों के लिए वैल्यू चेन विकसित करने पर अधिक ध्यान देने का आह्वान किया.