एग्रीवेट: जम्मू-कश्मीर में मवेशियों में फैल रही लंपी स्किन डिजीज (LSD) को नियंत्रित करने के लिए केंद्र और स्थानीय पशुपालन विभाग ने प्रयास तेज कर दिए हैं. बुधवार को केंद्रीय टीम ने जम्मू, सांबा और कठुआ जिलों के प्रभावित इलाकों का दौरा कर बीमारी की स्थिति का जायजा लिया. टीम ने पशुपालकों की समस्याएं सुनीं और बीमारी को रोकने के लिए किए जा रहे इंतजामों की समीक्षा की.
आधिकारिक प्रवक्ता के मुताबिक, केंद्रीय पशुपालन और डेयरी विभाग में उप आयुक्त (पशु स्वास्थ्य) डॉ. सुदाम बाघ ने प्रभावित गांवों का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने मवेशियों के स्वास्थ्य की स्थिति देखी और पशुपालकों के सामने आ रही परेशानियों को समझा. उनके साथ जम्मू के आर.एस. पुरा स्थित एम.एस. इंस्टीट्यूट ऑफ एनिमल हेल्थ एंड बायोलॉजिकल प्रोडक्शन के तकनीकी सहायक डॉ. संदीप पंडित भी मौजूद रहे.
बीमारी से प्रभावित पशुपालकों की मदद के लिए टीम ने मिनरल मिक्सचर, घावों की ड्रेसिंग का सामान और कीटाणुनाशक सामान दिए. इसके साथ ही पशुपालकों को मवेशियों की साफ-सफाई, सही देखभाल और बीमारी से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई. टीम ने पशुपालन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक और जागरूकता कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया. इन कार्यक्रमों में बायो-सिक्योरिटी यानी पशुओं को संक्रमण से बचाने के उपायों और बेहतर पशु प्रबंधन पर जोर दिया गया.
लंपी स्किन डिजीज की स्थिति का सही पता लगाने के लिए प्रभावित मवेशियों के सैंपल भी लिए गए. सांबा और कठुआ जिलों में डिप्टी डायरेक्टर, रिसर्च एंड प्रोडक्शन (DDR&P) की टीमों ने लैब ऑफिसर डॉ. अभिमन्यु चौहान के नेतृत्व में सैंपल जुटाए. वहीं, जम्मू जिले में डिस्ट्रिक्ट इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (DIO) की टीम ने लैब ऑफिसर डॉ. रविंदर सिंह ठाकुर के नेतृत्व में प्रभावित मवेशियों के सैंपल लिए. इन सैंपलों की प्रयोगशाला में जांच की जाएगी, जिससे बीमारी की स्थिति का आकलन करने और आगे की कार्रवाई तय करने में मदद मिलेगी.
दौरे के बाद पशुपालन निदेशालय में जम्मू जिले के अधिकारियों के साथ बैठक की गई. इसमें लंपी बीमारी की मौजूदा स्थिति, प्रभावित इलाकों में उठाए जा रहे कदमों और निगरानी व्यवस्था की समीक्षा की गई. बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि बीमारी को नियंत्रित करने के लिए केंद्र और जम्मू-कश्मीर के पशुपालन विभाग के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है. साथ ही, प्रभावित मवेशियों की नियमित निगरानी और पशुपालकों को लगातार जागरूक करना भी अहम है.
लंपी स्किन डिजीज मवेशियों को प्रभावित करने वाली एक वायरल बीमारी है. ऐसे में समय पर पहचान, पशुओं की उचित देखभाल, साफ-सफाई और पशु चिकित्सकों की सलाह के अनुसार कदम उठाना महत्वपूर्ण है. केंद्रीय टीम के इस दौरे का उद्देश्य बीमारी पर नियंत्रण के प्रयासों को मजबूत करना और मवेशियों के स्वास्थ्य के साथ पशुपालकों की आजीविका की रक्षा करना है. (PTI)