आलू किसानों की बल्ले-बल्ले! कोल्ड स्टोरेज से आलू निकालने पर मिलेगी 20 हजार रुपये तक सब्सिडी की छूट.. – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: यूपी के आलू किसानों के लिए राहत की खबर सामने आ रही है. बाजारों में जिस तरह से आलू के दामों में गिरावट होने और भंडारण और परिवहन की लागत बढ़ने से किसानों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में राज्य सरकार ने आलू की खेती करने वाले किसान भाइयों के लिए एक ऐसी पहल की शुरुआत की है, जिसके तहत ने कोल्ड स्टोरेज से आलू निकालने पर भारी अनुदान प्रदान किया जाएगा. यानी की किसानों को इस राहत से आर्थिक नुकसान को नहीं झेलना पड़ेगा.

आलू की कम कीमत किसानों की बड़ी परेशानी

बिजनौर जिले में बड़े पैमाने पर आलू की खेती की जाती है. यहां लगभग चार हजार हेक्टेयर भूमि पर आलू का उत्पादन होता है. किसान आमतौर पर मार्च में आलू की खुदाई करने के बाद फसल को कोल्ड स्टोरेज में रख देते हैं. उन्हें उम्मीद रहती है कि आने वाले महीनों में बाजार में आलू के दाम बढ़ेंगे और वे अपनी उपज बेचकर बेहतर मुनाफा कमा सकेंगे.

हालांकि, बाजार में कीमतें उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ने पर किसानों की परेशानी बढ़ जाती है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस समय आलू का भाव लगभग 10 रुपये प्रति किलोग्राम तक चल रहा है, जिससे किसानों की आमदनी में कमी आ रही है.

बिजनौर जिले के कोल्ड स्टोरेज से संबंधित उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, विभिन्न भंडारण केंद्रों में आलू का स्टॉक मौजूद है. दिए गए विवरण में नहटौर और बिजनौर के कुछ कोल्ड स्टोरेज में भी उल्लेखनीय मात्रा में आलू का अवशेष दर्ज किया गया है.

उपलब्ध तालिका के अनुसार, अमन कोल्ड स्टोरेज, किरतपुर में 123 मीट्रिक टन, जैन कोल्ड स्टोरेज, नजीबाबाद में 193 मीट्रिक टन, नहटौर कोल्ड स्टोरेज में 1,082 मीट्रिक टन, रौनक कोल्ड स्टोरेज, बिजनौर में 740 मीट्रिक टन, बीके कोल्ड स्टोरेज, बिजनौर में 220 मीट्रिक टन और सागर कोल्ड स्टोरेज, चांदपुर में 516 मीट्रिक टन आलू का अवशेष बताया गया है.

अगर आप इस सरकारी अनुदान का लाभ उठाने की सोच रहे हैं, तो यह सरकारी योजना आपके लिए फायदे का सौदा हो सकती है. साथ ही बता दें कि सरकार की इस योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को कोल्ड स्टोरेज से आलू निकालने पर अधिकतम 20,000 रुपये तक का अनुदान मुहैया कराया जाएगा. इस मदद से किसानों अपनी उपज की निकासी से जुड़े खर्चों का बोझ कम करने में सहायता मिल सकती है.

इसके अलावा, यूपी सरकार ने राज्य के किसानों से अपील की है कि वह योजना की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर तक आवेदन की प्रक्रिया को पूरा कर दें अन्यथा आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा.

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