एग्रीवेट: बिहार में तेल प्रॉसेसिंग, तेल पेराई और पैकेजिंग यूनिट लगाने की योजना है. प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत युवाओं और किसानों को इस उद्योग की स्थापना के लिए अनुदान दिया जाएगा. योजना के तहत जिले में कुल 6 लाभार्थियों का चयन किया जाएगा. इच्छुक आवेदक 10 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.
योजना के तहत बिहार के पूर्णिया जिले में 6 लोगों को लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है. इनमें 5 लाभार्थी सामान्य श्रेणी से और एक लाभार्थी एससी-एसटी श्रेणी से चुना जाएगा. इसके लिए आवेदक को तेल प्रसंस्करण और निष्कर्षण से जुड़ा पूरा सेटअप तैयार करना होगा. यूनिट में 10 हॉर्स पावर से अधिक क्षमता वाली मोटर और तेल उत्पादन करने वाली मशीनरी लगाना जरूरी होगा. तेल प्रसंस्करण यूनिट की कुल परियोजना लागत 5 लाख रुपये निर्धारित की गई है. इसमें सामान्य श्रेणी के लाभार्थियों को 2 लाख रुपये तक का अनुदान मिलेगा, जबकि एससी-एसटी श्रेणी के लाभार्थियों को 2.5 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी.
तेल उत्पादन के साथ पैकेजिंग का काम शुरू करने वाले लाभार्थियों के लिए भी योजना में अनुदान का प्रावधान है. तेल पैकेजिंग यूनिट की परियोजना लागत 3 लाख रुपये रखी गई है. सामान्य श्रेणी के आवेदकों को इसके लिए 1.20 लाख रुपये तक का अनुदान मिलेगा. वहीं, एससी-एसटी श्रेणी के लाभार्थियों को पैकेजिंग यूनिट स्थापित करने पर 1.50 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी. इससे युवा किसान और उद्यमी तेल निकालने से लेकर उसकी पैकेजिंग तक का काम एक ही यूनिट में कर सकेंगे और स्थानीय स्तर पर कारोबार शुरू कर सकते हैं.
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक के पास पर्याप्त भूमि होना जरूरी है, ताकि तेल प्रसंस्करण और पैकेजिंग से जुड़ी मशीनरी स्थापित की जा सके. इसके अलावा उद्यमी विभाग से रजिस्ट्रेशन कराना होगा. यूनिट के लिए एफएसएसएआई लाइसेंस और जीएसटी पंजीकरण भी अनिवार्य रहेगा. आवेदन के बाद लाभार्थियों का चयन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा. चयनित आवेदकों को संबंधित दस्तावेजों के साथ अपने प्रोजेक्ट की विस्तृत जानकारी जमा करनी होगी. कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद यूनिट स्थापित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी.
इच्छुक किसान और युवा बिहार कृषि विभाग की ऑनलाइन सेवा के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए DBT Agriculture Bihar की वेबसाइट पर जाकर योजना से संबंधित आवेदन करना होगा. आवेदन की अंतिम तारीख 10 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है. पूर्णिया में सरसों का उत्पादन अधिक होने के कारण स्थानीय स्तर पर सरसों से तेल निकालने और उसकी पैकेजिंग का कारोबार शुरू करने वाले युवाओं के लिए यह योजना उपयोगी हो सकती है. योजना से जुड़ी पात्रता, दस्तावेज और अन्य जानकारी के लिए आवेदक अपने संबंधित प्रखंड कृषि कार्यालय या जिला कृषि कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं.