मध्यप्रदेश: गुलाब के बाद अब गेंदा और धनिया उत्पादन से नई पहचान बनाएगा गुना, 2,085 एकड़ में विकसित होंगे 4 क्लस्टर – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: 10 अक्टूबर 2026, गुना: मध्यप्रदेश: गुलाब के बाद अब गेंदा और धनिया उत्पादन से नई पहचान बनाएगा गुना, 2,085 एकड़ में विकसित होंगे 4 क्लस्टर – गुलाब की खेती से पहचान बना चुका गुना अब खुले खेतों में फूलों और धनिया उत्पादन को भी बढ़ावा देगा। उद्यानिकी विभाग द्वारा जिले में 2,085 एकड़ क्षेत्र में चार क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। इनमें 1,000 एकड़ में गेंदा, 40 एकड़ में गुलाब, 45 एकड़ में ग्लैडियोलस, बल्बस एवं ट्यूबरोज और 1,000 एकड़ में धनिया बीज मसाला क्लस्टर शामिल हैं।

क्लस्टरों के माध्यम से किसानों को उत्पादन के साथ-साथ तकनीकी प्रशिक्षण, भंडारण, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और बाजार से जोड़ने हेतु सहयोग किया जाएगा। उद्यानिकी विभाग से प्राप्त प्रस्ताव को गुना कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने उद्यानिकी संचालनालय को प्रेषित किया था। प्रस्ताव की स्वीकृति के बाद जिले को ये क्लस्टर प्राप्त हुए हैं।

गेंदा क्लस्टर के तहत गुना विकासखंड में 630 और बमोरी विकासखंड में 370 एकड़ क्षेत्र निर्धारित किया गया है। इसमें दोनों विकासखंडों के कई गांव शामिल हैं। क्लस्टर स्वीकृति के बाद विभाग ने किसानों के प्रशिक्षण और भ्रमण कार्यक्रम शुरू कर दिए हैं। हाल ही में पुरापोसर और आसपास के गांवों में किसानों को आधुनिक फूलों की खेती, उन्नत तकनीक और फसल प्रबंधन की जानकारी दी गई।

क्लस्टर योजना के तहत फूलों और धनिया की उपज के लिए भंडारण, ग्रेडिंग, पैकेजिंग, प्रसंस्करण और विपणन सुविधाओं पर जोर दिया जाएगा। इससे किसानों को बेहतर बाजार, मूल्य संवर्धन और कृषि आधारित रोजगार के अवसर मिलेंगे।

कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने कहा कि उद्यानिकी विभाग से प्राप्त प्रस्ताव को संचालनालय भेजकर जिले में फूलों और धनिया के क्लस्टर स्वीकृत कराए गए हैं। क्लस्टर आधारित विकास से किसानों को फसल विविधीकरण, आधुनिक तकनीक अपनाने और आय बढ़ाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि खुले खेतों में फूलों की खेती और धनिया उत्पादन को बढ़ावा देकर गुना को पुष्प एवं मसाला फसलों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

उप संचालक उद्यान, जिला गुना केपीएस किरार ने बताया कि क्लस्टर स्वीकृति के बाद विभाग द्वारा किसानों को तकनीकी सहयोग, प्रशिक्षण, उन्नत रोपण सामग्री, फसल प्रबंधन और बाजार संपर्क उपलब्ध कराने के लिए  कार्य किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसानों को उत्पादन से लेकर भंडारण, प्रसंस्करण और विपणन तक आवश्यक मार्गदर्शन दिया जाएगा, जिससे उन्हें उपज का बेहतर मूल्य मिल सके।

गुना में पॉलीहाउस गुलाब उत्पादन पहले से पहचान बना चुका है। खुले खेतों में गेंदा और अन्य फूलों की खेती के विस्तार से जिले की पुष्प उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, जबकि धनिया क्लस्टर से मसाला उत्पादन को मजबूती मिलेगी। इससे गुना फूलों और मसाला फसलों के प्रमुख केंद्र के रूप में नई पहचान बना सकेगा।

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