Monsoon 2026: इस बार 15 राज्यों में सामान्य से कम हुई बारिश, 71 जिलों में आधे से भी कम बरसा पानी – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: Monsoon 2026: देश में 2026 का दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सीजन खत्म हो गया है, लेकिन बारिश का बंटवारा पूरे देश में एक जैसा नहीं रहा. जून से सितंबर के बीच देश के 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सामान्य से कम बारिश हुई. ये इलाके देश के करीब 40 फीसदी भौगोलिक क्षेत्र में फैले हैं. वहीं कई जिलों में बारिश की कमी इतनी ज्यादा रही कि खेती और पानी की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ गई है. मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक देशभर में इस मॉनसून सीजन में कुल बारिश सामान्य से 13 फीसदी कम रही.

सितंबर में भी बारिश सामान्य से 8 फीसदी कम दर्ज की गई. मॉनसून के चार महीनों में जून में बारिश 35 फीसदी कम रही, जबकि जुलाई में 1 फीसदी ज्यादा बारिश हुई. इसके बाद अगस्त में बारिश सामान्य से 16 फीसदी कम रही.

मॉनसून की सबसे बड़ी तस्वीर जिलों के आंकड़ों से सामने आती है. देश के 741 जिलों में से 313 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई. इनमें कुछ जिले ऐसे भी हैं जहां बारिश सामान्य से 20 फीसदी या उससे ज्यादा कम रही. इन 313 जिलों में 217 जिले ऐसे हैं जहां सामान्य बारिश के मुकाबले 30 फीसदी से ज्यादा कमी रही. इनमें भी 71 जिलों में सामान्य बारिश की तुलना में सिर्फ 50 फीसदी तक पानी बरसा. बारिश की इतनी कमी का सीधा असर खेती पर पड़ सकता है. जिन इलाकों में खेतों को पर्याप्त पानी नहीं मिला, वहां सिंचाई के लिए भूजल और दूसरे सोर्सो पर निर्भरता बढ़ सकती है. इससे किसानों की लागत भी बढ़ने की आशंका रहती है.

मॉनसून के दौरान पूर्वी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में भी बारिश सामान्य से कम रही. पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड समेत इस क्षेत्र में जून से सितंबर के दौरान सामान्य से 26 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई. इन राज्यों में खेती के लिए मॉनसून की बारिश काफी अहम होती है. ऐसे में बारिश की कमी का असर फसलों की बढ़वार और आगे की खेती पर पड़ सकता है.

मध्य भारत में भी मॉनसून पूरी तरह सामान्य नहीं रहा. महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, ओडिशा और छत्तीसगढ़ को मिलाकर इस क्षेत्र में सामान्य से करीब 3 फीसदी कम बारिश हुई. हालांकि यह कमी दूसरे कुछ क्षेत्रों के मुकाबले कम है, लेकिन अलग-अलग जिलों में बारिश की स्थिति एक जैसी नहीं रही. कुछ इलाकों में जरूरत के मुताबिक पानी मिला, जबकि कुछ जगहों पर कमी बनी रही.

पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश समेत उत्तर-पश्चिम भारत में मॉनसून के दौरान सामान्य से 6 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई. इस क्षेत्र में खेती का बड़ा हिस्सा सिंचाई पर निर्भर है. इसलिए मॉनसून की बारिश कम रहने के बावजूद फसलों पर असर हर जगह एक जैसा नहीं होगा. जहां सिंचाई की सुविधा बेहतर है, वहां किसानों को कुछ राहत मिल सकती है, जबकि बारिश पर ज्यादा निर्भर इलाकों में पानी की कमी चिंता बढ़ा सकती है.

दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश की कमी सबसे ज्यादा रही. केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश को मिलाकर इस क्षेत्र में सामान्य से 24 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई. मॉनसून सीजन खत्म होने के बाद भी इसकी कमी का असर पानी की उपलब्धता और खेती पर आगे देखने को मिल सकता है. खासकर उन इलाकों में जहां बारिश कम हुई है, वहां किसानों को सिंचाई और फसल की जरूरत के हिसाब से पानी का इंतजाम करना पड़ सकता है.

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