एग्रीवेट: गन्ना शोध परिषद शाहजहांपुर की नई विकसित उन्नत CO-SH 23232 किस्म के सिंगल बड (बीज) खरीदने वाले किसानों में होड़ मच गई. आलम यह रहा कि 5 मिनट में 2 लाख सिंगल बड की बुकिंग किसानों ने कर डाली. बता दें कि गन्ना की इस किस्म को एक सप्ताह पहले की खेती के लिए मंजूर किया गया है और इसे कोयंबटूर के प्रजनन गुणों को लेकर शाहजहांपुर में विकसित किया गया है. यह किस्म लाल सड़न रोग को दूर रखने में सक्षम है और उन्नत किस्मों की तुलना में उत्पादन में काफी ज्यादा है.
उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद शाहजहांपुर के निदेशक अभिषेक आनंद ने बयान जारी कर बताया है कि संस्थान की ओर से विकसित की गई नई अगेती गन्ना किस्म CO-SH 23232 के 2 लाख सिंगल बड की ऑनलाइन बुकिंग 9 अक्टूबर 2026 को सुबह 10 बजे शुरू हुई. किसानों की दिलचस्पी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बुकिंग शुरू होने के महज 5 मिनट के भीतर ही सभी 2 लाख सिंगल बड (बीज) बुक हो गए.
परिषद के निदेशक अभिषेक आनंद ने बताया कि CO-SH 23232 किस्म को बीज गन्ना एवं गन्ना किस्म स्वीकृति उपसमिति ने करीब एक सप्ताह पहले प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए जारी किया है. उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब परिषद की ओर से विकसित किसी नई गन्ना किस्म का बीज जारी होने के एक महीने के भीतर ही किसानों को उपलब्ध कराने की पहल की जा रही है. इसका उद्देश्य किसानों तक नई किस्म का बीज जल्द पहुंचाना और आगामी बुवाई के लिए इसकी उपलब्धता बढ़ाना है.
निदेशक अभिषेक आनंद के मुताबिक नई किस्म के बीज का तेजी से उत्पादन करने के लिए सिंगल बड और टिशू कल्चर जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है. इन तकनीकों की मदद से कम समय में अधिक पौध तैयार करने की कोशिश की जा रही है, ताकि आगामी बुवाई सत्र में ज्यादा से ज्यादा किसानों को CO-SH-23232 का बीज उपलब्ध कराया जा सके. उन्होंने कहा कि इस गन्ना बीज की खूबियां इसे लोकप्रिय बना रही हैं.
इस किस्म के जनक और वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि CO-SH 23232 किस्म तेजी से बढ़ने वाली अगेती गन्ना किस्म है. इसमें बेहतर जमाव, अधिक कल्ले, मिल योग्य गन्नों की अच्छी संख्या, बेहतर उपज क्षमता और शर्करा फीसदी जैसी विशेषताएं बताई गई हैं. वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि यह किस्म उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए लोकप्रिय किस्म CO-0238 के एक बेहतर विकल्प के रूप में उपयोगी साबित हो सकती है.
गन्ना की नई किस्म CO-SH 23232 किस्म अगेती फसल के लिए बेस्ट वैरायटी है. इसकी औसत उपज 95.56 टन प्रति हेक्टेयर पाई गई है, जो लोकप्रिय उन्नत किस्म CO0238 से 9.44 फीसदी ज्यादा है. इसकी पेड़ी की उपज भी 80.57 टन प्रति हेक्टेयर रही, जो CO.0238 से 3.16 फीसदी अधिक है. यह किस्म लाल सड़न रोग के प्रति रोगरोधी बताई गई है और इसकी पेड़ी भी अच्छी होती है.