एग्रीवेट: Shardiya Navratri 2026: हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व है. इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है. भक्त नौ दिनों तक व्रत रखते हैं और मां भगवती की आराधना करते हैं. नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना के साथ पूजा की शुरुआत होती है, जबकि सप्तमी, अष्टमी और नवमी के दिन विशेष पूजा, हवन और कन्या पूजन किया जाता है. इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026 से होगी. खास बात यह है कि इस बार अष्टमी तिथि बढ़ने के कारण नवरात्रि का पर्व 10 दिनों का रहेगा. 20 अक्टूबर को विजयादशमी यानी दशहरा मनाया जाएगा.
शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026 को आश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होगी. इसी दिन घरों और मंदिरों में कलश स्थापना की जाएगी. 11 अक्टूबर को प्रतिपदा तिथि सूर्योदय से लेकर रात 8:37 बजे तक रहेगी. कलश स्थापना के लिए सुबह 11:36 बजे से दोपहर 12:24 बजे तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा. इसके अलावा सुबह 6:19 बजे से 10:12 बजे तक भी घटस्थापना के लिए समय बताया गया है.
नवरात्रि की सप्तमी तिथि 17 अक्टूबर 2026 को रहेगी. यह तिथि सूर्योदय से शुरू होकर शाम 5:53 बजे तक रहेगी. सप्तमी के दिन मां दुर्गा की विशेष पूजा की जाती है. कई जगहों पर इसी दिन पूजा पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाती है. इसलिए सप्तमी से नवरात्रि का माहौल और भी खास हो जाता है.
इस बार अष्टमी तिथि बढ़ने के कारण महाअष्टमी का व्रत 18 अक्टूबर 2026 को रखा जाएगा. नवरात्रि में अष्टमी को बेहद खास माना जाता है. इस दिन मां दुर्गा की विशेष पूजा के साथ निशा पूजा भी की जाएगी. अष्टमी व्रत का पारण 19 अक्टूबर को सुबह 7:55 बजे के बाद किया जाएगा. यानी जो भक्त अष्टमी का व्रत रखते हैं, उन्हें पारण के समय का ध्यान रखना चाहिए.
नवरात्रि की नवमी तिथि 19 अक्टूबर 2026 को रहेगी. इस दिन कन्या पूजन किया जाएगा. 19 अक्टूबर को सुबह 7:55 के बाद से 20 अक्टूबर को सुबह 9:35 बजे से पहले तक कन्या पूजन किया जा सकता है. वहीं, नवमी व्रत का पारण 20 अक्टूबर को सुबह 9:35 बजे के बाद किया जाएगा. इसके बाद विजयादशमी यानी दशहरा का पर्व मनाया जाएगा. इस बार नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू होकर 20 अक्टूबर तक चलेगी. 17 अक्टूबर को सप्तमी, 18 अक्टूबर को महाअष्टमी और 19 अक्टूबर को नवमी तिथि रहेगी. 20 अक्टूबर को विजयादशमी मनाई जाएगी.