खरीद में देरी से मंडियों में लावारिस पड़ा हजारों क्विंटल धान, कई क्विंटल चोरी.. नाराज किसानों का हंगामा – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: हरियाणा में तय तारीख के बाद भी धान खरीद शुरू नहीं होने से किसानों ने सिरसा के रोड़ी अनाज मंडी में हंगामा किया है. कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने कहा कि सिरसा में अकेले डबवाली क्षेत्र की मंडियों में 10,944 क्विंटल धान की आवक हो चुकी है, लेकिन खरीद नहीं किए जाने से किसानों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है. उन्होंने कहा कि रोड़ी अनाज मंडी में 2300 क्विंटल से ज्यादा धान खरीद के इंतजार में पड़ा हुआ है. वहीं, किसान नेता गुरुनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि सरकार किसानों की अनदेखी कर रही है और झूठे वादे किए जा रहे हैं.

हरियाणा सरकार ने 29 सितंबर से धान खरीद का ऐलान किया है, लेकिन आरोप है कि अभी भी कई मंडियों में खरीद शुरू नहीं हो सकी है. इस बार शुरुआती खरीद टारगेट 58 लाख मीट्रिक टन रखा गया है जो बीते साल से भी कम है. वहीं, जिलावार धान खरीद पर कैपिंग लगाने के साथ ही फसल पंजीकरण और वेरीफिकेशन में आ रही दिक्कतों से किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है.

हरियाणा के सिरसा से कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने कहा कि हरियाणा में भाजपा सरकार की धान खरीद व्यवस्था का सच मंडियों में पड़े हजारों क्विंटल धान से सामने है. डबवाली क्षेत्र की मंडियों में 10,944 क्विंटल धान की आवक हो चुकी है, लेकिन सरकारी खरीद मात्र 75 क्विंटल हुई है. अकेले डबवाली मंडी में 5,627 क्विंटल धान पहुंचा और 5,552 क्विंटल खरीद के इंतजार में पड़ा है. रोड़ी मंडी में करीब 2,300 क्विंटल धान 7 दिन से पड़ा है, लेकिन खरीद और उठान शुरू नहीं हुआ.

सांसद ने कहा कि 24 क्विंटल प्रति एकड़ की खरीद सीमा, पंजीकरण और वेरिफिकेशन की जटिलताओं ने किसानों की परेशानी और बढ़ा दी है. जब एक एकड़ में 32 से 40 क्विंटल तक पैदावार हो रही है तो किसान अपनी बाकी फसल लेकर कहां जाए? भाजपा सरकार के पोर्टल और कागजी दावों से किसान का धान नहीं बिकेगा. सरकार किसानों को प्रक्रियाओं में उलझाना बंद करे, खरीद की सीमा और व्यवस्थागत बाधाओं का समाधान करे तथा मंडियों में पड़े धान की तत्काल खरीद और उठान सुनिश्चित करे.

हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी संजय दत्त और पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने करनाल जिले की अनाज मंडी का दौरा कर धान खरीद की व्यवस्थाओं का जायजा लिया. कांग्रेस नेताओं ने मंडी में किसानों, आढ़तियों और मजदूरों से बातचीत की तथा खरीद, उठान और भुगतान से जुड़ी समस्याओं के बारे में जानकारी ली. उन्होंने कहा कि सरकार की अनदेखी से किसान परेशान हैं और मंडियों में अव्यवस्थाएं हैं.

सिरसा की रोड़ी अनाज मंडी में धान किसानों ने प्रदर्शन किया.

भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के प्रमुख गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को परेशान कर रही है. उन्होंने बताया कि किसानों की मांग है कि फसल कटाई के लिए कंबाइन का समय तय करने और जिलेवार धान खरीद पर लगाई गई लिमिट को तुरंत रद्द किया जाए. 21 से 27 सितंबर तक खोले गए पोर्टल पर जिन किसानों ने आवेदन किए हैं, उनका पंजीकरण और वेरिफिकेशन तुरंत प्रभाव से पूरा किया जाए, ताकि वे अपनी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर बेच सकें.  उन्होंने कहा कि धान बेचने के मुद्दे पर इसमालाबाद मंडी में पंचायत की गई है और कल बड़ी पंचायत होगी. उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि इसमालाबाद मंडी में बड़ी संख्या में पहुंचें.

भारतीय किसान एकता के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष लखविंदर औलख ने कहा कि रोड़ी अनाज मंडी में 27 सितंबर से खरीद के इंतजार में 2300 क्विंटल से ज्यादा धान उपज पड़ी हुई है. उन्होंने कहा कि किसान भूपेंद्र सिंह की 8 एकड़ की धान, जरनैल सिंह के 14 एकड़ के उपज, जंटा सिंह की 11 एकड़ की फसल और सेवा सिंह के 5 एकड़ सहित 2300 क्विंटल से ज्यादा धान पड़ी है. 12 फीसदी से 15 प्रतिशत नमी होने के बावजूद अभी तक सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई है, जिससे फसलों के चोरी होने का खतरा बना हुआ है. उन्होंने बताया कि किसान भूपेंद्र सिंह की धान उपज मंडी में रखी हुई थी, जो चोरी भी हो चुकी है. नाराज किसानों ने रोड़ी मंडी में प्रदर्शन किया.

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