एग्रीवेट: सीहोर जिले के बुधनी विधानसभा क्षेत्र के कोसमी गांव से एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ प्रदेश की राजनीति में भी हलचल मचा दी है. यहां आदिवासी बरेला समुदाय के 12 परिवारों के मकान तोड़े जाने, खेतों में खड़ी फसल नष्ट होने और पानी के लिए इस्तेमाल होने वाले कुएं को मिट्टी से भर दिए जाने की बात सामने आई है. कोसमी गांव केंद्रीय कृषि मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के विदिशा संसदीय क्षेत्र में आता है. 11 अक्टूबर को शिवराज सिंह चौहान खुद प्रभावित परिवारों से मिलने गांव पहुंचे. वहां परिवारों की स्थिति जानने के बाद उन्होंने अधिकारियों की कार्रवाई पर नाराजगी जताई और सवाल उठाया कि जब उन्होंने पहले कार्रवाई रोकने के लिए कहा था, तो इसके बावजूद मकान क्यों तोड़े गए?