एग्रीवेट: mal Husbandry: महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में खरीफ फसलों पर सूखे की मार के बीच अब किसानों के सामने पशुधन बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है. बारिश की कमी और जल संकट के कारण कई इलाकों में पशुओं के लिए चारा और पानी जुटाना मुश्किल हो रहा है. चारे का भंडार खत्म होने के बाद पशुपालन का खर्च भी बढ़ गया है. ऐसे में किसान अपने मवेशियों को बेचने के लिए अलग-अलग पशु बाजारों का रुख कर रहे हैं. हालांकि, बाजार में खरीदारों की कमी के चलते किसानों को पशुओं की उम्मीद के मुताबिक कीमत नहीं मिल रही है. कई किसान कम दाम पर पशु बेचने के लिए तैयार हैं, लेकिन फिर भी उन्हें खरीदार नहीं मिल पा रहे हैं.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र के परभणी जिले के पारथी पशु बाजार में सामान्य दिनों के मुकाबले मवेशियों की आवक बढ़ गई है. पशु व्यापारियों के मुताबिक, बाजार में हर सप्ताह करीब 150 मवेशी बिक्री के लिए पहुंच रहे हैं, जबकि सामान्य दिनों में यह संख्या करीब 70 रहती थी. किसानों का कहना है कि चारे और पानी की व्यवस्था करना लगातार मुश्किल होता जा रहा है. इसी वजह से वे अपने पशुओं को बेचने के लिए बाजार पहुंच रहे हैं. लेकिन खरीदार कम होने के कारण कई किसानों को निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है.
पारथी बाजार पहुंचे किसान ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उसकी सात एकड़ की फसल को नुकसान हुआ है और वह करीब 50 किलोमीटर दूर से बैल बेचने पहुंचा था. कम कीमत पर बैल बेचने की तैयारी के बावजूद उसे खरीदार नहीं मिला. वहीं, एक किसान ने अपनी दो भैंस महज 44 हजार रुपये में बेच दीं. किसान के मुताबिक, इसी जोड़ी को उसने तीन साल पहले 90 हजार रुपये में खरीदा था. एक अन्य किसान ने आठ गाय 1.25 लाख रुपये में बेच दीं, जबकि पिछले साल इन गायों को 1.75 लाख रुपये में खरीदा गया था.
पशु व्यापारियों का कहना है कि बाजार में मवेशियों की संख्या बढ़ने के बावजूद खरीदार पर्याप्त संख्या में नहीं पहुंच रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, व्यापारियों ने दूसरे राज्यों में पशुओं के परिवहन से जुड़ी दिक्कतों को भी बिक्री प्रभावित होने की एक वजह बताया है. उनका कहना है कि दूसरे राज्यों में मवेशियों को ले जाने पर उन्हें बूचड़खाने के संदेह में रोके जाने का जोखिम रहता है. इससे अंतरराज्यीय पशु परिवहन प्रभावित हुआ है और बाजार में खरीदारों की संख्या भी कम हुई है.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, किसान नेताओं ने महाराष्ट्र सरकार से मराठवाड़ा में जल्द मवेशी छावनियां शुरू करने की मांग की है. उनका कहना है कि सूखे की स्थिति में किसानों को पशुओं के लिए पर्याप्त चारा और पानी उपलब्ध कराया जाना जरूरी है. वहीं, महाराष्ट्र के कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने कहा कि सरकार किसानों को जल्द से जल्द चारा उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त कदम उठाएगी. उन्होंने कहा कि फिलहाल उनके पास मराठवाड़ा में बड़े पैमाने पर मजबूरी में मवेशी बेचे जाने की जानकारी नहीं है. हालांकि, उन्होंने किसानों को हर संभव मदद उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है.