पिछली बार गेहूं का एमएसपी 160 रुपये बढ़ा था पर इस बार केवल 25 रुपये क्यों, भड़के किसान नेता – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: केंद्र सरकार ने रबी मार्केटिंग सीजन 2027-28 के लिए फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोत्तरी को मंजूरी दे दी है. कैबिनेट ने 6 फसलों के लिए एमएसपी बढ़ोत्तरी की है. सबसे ज्यादा 675 रुपये कुसुम फसल के लिए बढ़ाए गए हैं. गेहूं के लिए सरकार ने केवल 25 रुपये प्रति क्विंटल ही एमएसपी बढ़ाया है. जबकि, पिछले सीजन में 160 रुपये की बढ़ोत्तरी की गई थी. इस बार कम दाम बढ़ाए जाने को लेकर किसानों में नाराजगी देखी जा रही है. भाकियू मान के नेताओं ने गेहूं के एमएसपी पर फिर से विचार करने का आग्रह किया है.

गेहूं का एमएसपी इसलिए केवल 25 रुपये बढ़ा है क्योंकि सरकार CACP की सिफारिश के आधार पर एमएसपी की बढ़ोत्तरी करता है. बताया गया है कि गेहूं की लागत के मुकाबले मौजूदा मार्जिन काफी ऊंचा 106 फीसदी है, इसलिए इस बार गेहूं की तुलना में कुछ अन्य रबी फसलों को ज्यादा एमएसपी बढ़ोतरी दी गई है. वहीं, किसान संगठनों ने गेहूं के एमएसपी में कम बढ़ोत्तरी को लेकर नाराजगी जताई है. केंद्र सरकार से गेहूं के एमएसपी पर फिर से विचार करने का आग्रह किया गया है.

किसान नेताओं ने कहा कि केंद्र ने मामूली बढ़ोत्तरी के रूप में किसानों को झुनझुना पकड़ाया है. हरियाणा के किसान नेता गुणी प्रकाश ने गेहूं के एमएसपी में केवल 25 रुपये बढ़ोत्तरी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि गेहूं की खेती करने वाले ज्यादा किसान हैं. देश का पेट गेहूं से भरता है. अगर सरकार ऐसे ही कम एमएसपी देगी तो किसान गेहूं की खेती से भी मुंह मोडने लगेगा. उन्होंने कहा कि केंद्र इस एमएसपी पर फिर से विचार करे. वहीं, उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों को गेहूं पर बोनस देना चाहिए. ताकि किसानों को ठीक दाम हासिल हो सके.

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