एग्रीवेट: उत्तर प्रदेश में बीते कई दिनों से जारी बारिश ने भारी तबाही मचाई है. राज्य के 22 जिले बाढ़ से प्रभावित चल रहे हैं. जबकि, इन जिलों के करीब 700 गांवों बाढ़ और बारिश से प्रभावित चल रहे हैं. वहीं, बाराबंकी में 12 से ज्यादा गांवों में पानी घुस गया है. अवध और पूर्वांचल क्षेत्र के जिलों में बारिश की वजह से खेतों में पानी जमा हो गया है. कई हिस्सों में गन्ना की फसल गिर गई है और धान, अरहर समेत अन्य दलहन फसलों को नुकसान पहुंचा है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया. उन्होंने अधिकारियों को फसल नुकसान की रिपोर्ट मांगी है.
उत्तर प्रदेश में हालिया भारी बारिश से गंगा, गोमती, सरयू, यमुना, मंदाकिनी, पांडु, राप्ती समेत अन्य नदियां क्षमता से ऊपर जलस्तर के साथ बह रही हैं. नदियों के उफान के कारण 22 से अधिक जिलों में 700 से अधिक गांव बाढ़ और जलभराव से प्रभावित हुए हैं. बाढ़ की वजह से कन्नौज, कानपुर, फतेहपुर समेत अन्य जिलों में फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है.
नेपाल से लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. नदी खतरे के निशान से लगभग 70 सेमी ऊपर पहुंच गई है और करीब एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही है. रामनगर, रामसनेहीघाट और सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी घुसने से ग्रामीणों में दहशत है. कई परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन को मजबूर हैं. तहसील रामनगर के हेतमापुर में सरयू की तेज धार अब बाबा नारायण दास महाराज की तपोस्थली मंदिर के बेहद करीब पहुंच गई है.
नदी के पानी ने पशु चिकित्सालय को भी घेर लिया है और वह भी कटान के मुहाने पर है. बाढ़ खंड और तहसील प्रशासन की ओर से नदी की धारा का रुख मोड़ने और तट को बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन तेज धारा के सामने बचाव कार्य बेअसर साबित हो रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि बड़े-बड़े भूखंड देखते ही देखते नदी में समा रहे हैं. सुंदरनगर, बेलहारी, बलाईपुर, बाबापुरवा, ललपुरवा, कोड़री और सरसंडा समेत दर्जनों गांव बाढ़ से घिरे हैं. अब तक हजारों बीघा कृषि भूमि नदी में समा चुकी है, जबकि करीब 50 घर कटान की भेंट चढ़ चुके हैं.
#देखें | उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया। pic.twitter.com/u8YgSXttC4
बलरामपुर जिले में तेज हवा के साथ हुई बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. बारिश और तेज हवाओं के कारण खेतों में खड़ी गन्ने और धान की फसल गिर गई है. किसानों के मुताबिक गन्ने की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है. वहीं, धान की अगेती फसल पर भी असर पड़ने की आशंका है. दलहन और तिलहन की फसलों को भी बारिश से नुकसान होने का डर किसानों को सता रहा है. लगातार हो रही बारिश से कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है.
उत्तर प्रदेश में इस समय बाढ़ की स्थिति कई जिलों में बनी हुई है. हालिया सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 22 जिलों में करीब 3.53 लाख लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि पांच जिलों बलिया, गाजीपुर, गोरखपुर, मऊ और देवरिया में 11,358 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन जलमग्न हुई है. जबकि, राज्य के अन्य हिस्सों में भी कई हजार हेक्टेयर खरीफ फसलें प्रभावित हुई हैं. इनमें धान, मक्का, ज्वार और दलहन फसलें शामिल हैं.