किसानों के अल्टीमेटम पर धान खरीद मानक में ढील देने की तैयारी, नमी सीमा समेत कई नियम बदलेंगे? – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: भारतीय किसान यूनियन (मान) ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी से धान खरीद को लेकर नियमों में सख्ती, नमी की मात्रा में ढील और कंबाइन हार्वेस्ट से कटाई की समयसीमा तय किए जाने को लेकर आपत्ति जताई है. किसान संगठन की नाराजगी पर सीएम ने आश्वासन दिया है कि वह उनकी मांगों पर विचार करेंगे और किसानों के अधिकारों का ध्यान रखा जाएगा तथा अनाज मंडियों में किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी.

भारतीय किसान यूनियन (मान) के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष गुणी प्रकाश ठाकुर ने बताया कि उनके नेतृत्व में संगठन का प्रतिनिधिमंडल आज 29 सितंबर को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से उनके चंडीगढ़ स्थित निवास पर मिला. इस दौरान प्रदेश महासचिव प्रवीण मथाना, सरदार बलविंदर सिंह बाजवा समेत अन्य किसान नेता शामिल रहे. प्रतिनिधिमंडल ने धान की सरकारी खरीद जल्द शुरू करने की अनुमति देने के लिए केंद्र और हरियाणा सरकार का धन्यवाद किया.

भाकियू मान के नेताओं ने कहा कि धान खरीद के दौरान शेलर मालिक नमी के नाम पर किसानों से कथित तौर पर 300 से 600 रुपये प्रति क्विंटल तक की कटौती कर रहे हैं. किसान संगठन ने इस कटौती को तुरंत बंद कराने की मांग की. किसान नेता गुणी प्रकाश ने कहा कि राज्य के कई हिस्सों में धान कटाई के समय पर बारिश हुई है, जिससे खेत में भी फसल भीग गई है और कटाई के बाद भी उपज बारिश से भीग गई है. ऐसे किसानों को नमी के नाम पर परेशान नहीं किया जाए.

भाकियू (मान) ने हाल में हुई भारी बारिश को देखते हुए धान में नमी की निर्धारित सीमा में राहत देने की मांग की. संगठन ने कहा कि बारिश से फसल प्रभावित हुई है, इसलिए 17 फीसदी की बजाय 22 फीसदी तक नमी वाला धान खरीदा जाना चाहिए. किसान नेताओं ने बारिश से खराब हुई फसलों का जल्द सर्वे कराकर किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग भी मुख्यमंत्री के सामने रखी.

किसान नेता गुणी प्रकाश ने बताया कि राज्य सरकार ने धान खरीद को लेकर जिला स्तर पर तय की गई क्विंटल सीमा को रद्द किया जाए. उनका कहना था कि मंडियों में किसानों की उपज की खरीद पर किसी तरह की सीमा नहीं लगनी चाहिए, ताकि किसान अपनी पूरी फसल बेच सकें और उन्हें मंडियों में परेशानी का सामना न करना पड़े. इसलिए जिले स्तर पर तय की गई खरीद सीमा को तत्काल हटाया जाए.

भाकियू मान के प्रतिनिधिमंडल ने कंबाइन हार्वेस्टर से फसल कटाई के लिए सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक निर्धारित समय को लेकर भी आपत्ति जताई. किसान नेताओं ने इसे किसान विरोधी आदेश बताते हुए इसे तुरंत रद्द करने की मांग की, ताकि किसान मौसम और फसल की स्थिति के अनुसार कटाई कर सकें. किसान नेताओं ने कहा कि किसान को मालूम है कि फसल कटाई कब सही रहेगी, इसलिए उनपर यह ना थोपा जाए कि कब और कैसे फसल की कटाई की जानी है.

किसान नेताओं ने अनाज मंडियों में तौल और खरीद प्रक्रिया में किसानों के साथ किसी तरह की लूट या अनियमितता न होने देने की मांग की. इसके लिए सरकार निगरानी तंत्र को मजबूत करे और टीम बनाई जाएं. उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिकारी, आढ़ती या दलाल द्वारा किसानों को परेशान किया जाता है या तौल में गड़बड़ी की जाती है तो उनके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए.

किसान नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किसान नेताओं की मांगों को सुना और उन्हें आश्वासन दिया कि किसानों के अधिकारों का ध्यान रखा जाएगा तथा अनाज मंडियों में किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि वह खुद किसान परिवार से आते हैं और किसानों की समस्याओं और उनके दर्द को समझते हैं. उन्होंने किसान संगठनों को आश्वासन दिया कि सरकार किसानों के साथ है और आगे भी किसानों के हित में काम करेगी.

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