सोयाबीन की फलियों में छेद कर दानों को नुकसान पहुंचा रही फली छेदक इल्ली, ICAR-NSRI ने दी निगरानी की सलाह – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: 28 सितंबर 2026, नई दिल्ली: सोयाबीन की फलियों में छेद कर दानों को नुकसान पहुंचा रही फली छेदक इल्ली, ICAR-NSRI ने दी निगरानी की सलाह – सोयाबीन की मध्यम और देर से पकने वाली किस्मों में इस समय दाना भरने की अवस्था है। ऐसे में फसल की फलियों पर फली छेदक इल्ली से नुकसान की संभावना रहती है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान, इंदौर (ICAR-NSRI) की 21 से 27 सितंबर 2026 की साप्ताहिक सलाह में किसानों को फसल और फलियों की नियमित निगरानी करने की सलाह दी गई है।

दाना भरने की अवस्था में सोयाबीन की फलियों पर फली छेदक इल्लियों का प्रकोप हो सकता है। इनमें विशेष रूप से हेलिकोवर्पा आर्मिजेरा (Helicoverpa armigera) शामिल है। इसकी इल्ली फलियों में छेद करके अंदर प्रवेश करती है और विकसित हो रहे दानों को खाती है। इससे फलियों के अंदर मौजूद दानों को नुकसान पहुंच सकता है। प्रभावित दानों के सड़ने की संभावना भी रहती है। इसलिए इस अवस्था में फसल पर नियमित नजर रखना जरूरी है।

ICAR-NSRI ने किसानों को सलाह दी है कि दाना भरने की अवस्था में सोयाबीन की फसल और फलियों का नियमित रूप से निरीक्षण करें। फलियों में फली छेदक की मौजूदगी और उससे होने वाले नुकसान पर नजर रखें।

यदि फसल में फली छेदक का प्रकोप रासायनिक नियंत्रण की जरूरत पैदा करता है, तो एडवाइजरी में इंडोक्साकार्ब 15.80% EC @ 333 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव की सलाह दी गई है। इसके अलावा तालिका-1 में दिए गए अन्य अनुशंसित कीटनाशक का भी निर्धारित मात्रा और अनुशंसित विधि के अनुसार इस्तेमाल किया जा सकता है। किसानों को कीटनाशक का प्रयोग अनुशंसित मात्रा और आवेदन विधि के अनुसार ही करने की सलाह दी गई है।

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