एग्रीवेट: चीनी की कीमतों में गिरावट का असर अब खुदरा बाजार में भी दिखने लगा है. ISMA और NFCSF के मुताबिक, देशभर में चीनी की औसत एक्स-मिल कीमत करीब 4,450 रुपये प्रति क्विंटल रह गई है. यह अपने सबसे ऊंचे स्तर से करीब 30 फीसदी कम है. वहीं, उद्योग संगठनों का कहना है कि चीनी की कीमतों में हालिया गिरावट के बाद खुदरा कीमतों में भी करीब 11-12 फीसदी की कमी आई है. देशभर में चीनी का औसत खुदरा भाव अब करीब 57.50 रुपये प्रति किलो है.
बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, 21 सितंबर को प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों में भाव राष्ट्रीय औसत से भी कम रहे. उत्तर प्रदेश में चीनी 55.09 रुपये प्रति किलो, महाराष्ट्र में 56.74 रुपये, कर्नाटक में 56.19 रुपये और तमिलनाडु में 57.45 रुपये प्रति किलो बिकी. वहीं, चीनी की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी को लेकर उद्योग संगठनों ने कहा है कि इससे चीनी मिलों को कोई बड़ा अतिरिक्त मुनाफा नहीं हुआ है. ISMA और NFCSF के मुताबिक, कीमतों में तेजी बहुत कम समय के लिए रही और इसके बाद एक्स-मिल भाव तेजी से नीचे आ गए. संगठनों ने कहा कि सरकार के प्रयासों और बाजार की स्थिति के कारण चीनी की उपलब्धता बनी रही. इससे उपभोक्ताओं और चीनी उद्योग से जुड़े दूसरे लोगों के हितों के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद मिली.
उद्योग संगठनों के मुताबिक, 17 से 31 अगस्त 2026 के बीच देशभर की चीनी मिलों ने सिर्फ करीब 7.22 लाख टन चीनी बेची. इस दौरान चीनी का औसत एक्स-मिल भाव 4,996.98 रुपये प्रति क्विंटल रहा. संगठनों ने कहा कि चीनी की कीमतों में हुई हालिया तेजी अस्थायी थी और बहुत कम समय तक रही. देश की सालाना चीनी आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इससे काफी कम कीमत पर बेचा गया. चीनी उद्योग संगठनों ISMA और NFCSF ने कहा कि 17 से 31 अगस्त के बीच 7.22 लाख टन चीनी की बिक्री देश की कुल सालाना घरेलू खपत करीब 285 लाख टन के मुकाबले 2.5 फीसदी से भी कम है.
संगठनों के मुताबिक, इसका मतलब है कि देश की 97.5 फीसदी से ज्यादा चीनी की जरूरत सामान्य या कम कीमतों पर पूरी हुई. इसलिए यह कहना सही नहीं है कि चीनी मिलों ने कीमतों में थोड़े समय की तेजी से बहुत ज्यादा मुनाफा कमाया. उन्होंने कहा कि चीनी उद्योग ने बाजार में लगातार पर्याप्त मात्रा में चीनी उपलब्ध कराई और उचित कीमतों पर आपूर्ति बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई.
चीनी उद्योग संगठनों ISMA और NFCSF के मुताबिक, अक्टूबर 2025 से शुरू हुए मौजूदा चीनी सीजन में सितंबर के मध्य तक देशभर में चीनी की औसत एक्स-मिल कीमत करीब 4,100 रुपये प्रति क्विंटल, यानी करीब 41 रुपये प्रति किलो रही. संगठनों का कहना है कि यह औसत कीमत चीनी मिलों की वास्तविक लागत के मुकाबले काफी कम है.
उद्योग संगठनों के अनुसार, 2025-26 सीजन में चीनी मिलों ने किसानों से खरीदे गए गन्ने के बदले अब तक करीब 1.12 लाख करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है. यह किसानों को किए जाने वाले कुल गन्ना भुगतान का 97 फीसदी से ज्यादा है. संगठनों ने कहा कि इससे पता चलता है कि चीनी उद्योग किसानों को समय पर भुगतान करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है.