एग्रीवेट: 23 सितंबर 2026, शिवपुरी: शिवपुरी: उन्नत तकनीक से संवरी सोबरन सिंह की खेती – शिवपुरी शहर के फतेहपुर निवासी कृषक सोबरन सिंह धाकड़ परंपरागत खेती से हटकर आधुनिक और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने वाले प्रगतिशील किसान हैं। पूर्व में सामान्य बोवनी पद्धतियों और अनिश्चित मानसूनी बारिश के कारण अत्यधिक जलभराव से सोयाबीन की फसल को नुकसान पहुंचने तथा उत्पादन प्रभावित होने की चिंता बनी रहती थी। सीमित संसाधनों के बीच फसल की सुरक्षा और बेहतर पैदावार प्राप्त करना उनके लिए एक बड़ी चुनौती थी।
कृषि विभाग के आत्मा कार्यक्रम के ब्लॉक तकनीकी प्रबंधक रघुवीर सिंह यादव एवं विशेषज्ञों के सतत मार्गदर्शन में सोबरन सिंह धाकड़ ने उन्नत कृषि पद्धतियों और किस्मों की जानकारी प्राप्त की। विभाग के परामर्श से उन्होंने अपने एक बीघा खेत में सोयाबीन लगाने का बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया । इसके साथ ही कृषि विभाग की अनुशंसित रिज एंड फरो (मेढ़ एवं नाली) पद्धति से बोवनी करने की तकनीक को अपनाया।तकनीकी मार्गदर्शन के अनुसार सोबरन सिंह ने 12 से 15 किलोग्राम प्रति बीघा की दर से बीज का उपयोग किया तथा कतार से कतार की दूरी 1.5 फीट (18 इंच) रखी। इस नवाचार के सुखद परिणाम सामने आए। अत्यधिक बारिश के दौरान भी नालियों के माध्यम से अतिरिक्त पानी खेत से बाहर निकल गया, जिससे जलभराव नहीं हुआ और फसल पूरी तरह सुरक्षित रही। पौधे स्वस्थ रहे, शाखाओं का बेहतर विकास हुआ और मजबूत दाने बनने से उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
सामाजिक प्रभाव व प्रेरणा – सोबरन सिंह द्वारा 1 बीघा भूमि में अपनाई गई इस रिज एंड फरो पद्धति की सफलता आसपास के अंचल के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन गई है। जलभराव से फसल को बचाने और कम लागत में बेहतर पैदावार लेने का उनका यह मॉडल क्षेत्र के अन्य कृषकों को भी आधुनिक व वैज्ञानिक खेती की ओर प्रेरित कर रहा है।प्रशासनिक सराहना एवं धन्यवादकृषि विभाग के अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने सोबरन धाकड़ के खेत का अवलोकन कर उनके द्वारा अपनाई गई उन्नत तकनीक और समर्पण की सराहना की। कृषक सोबरन सिंह धाकड़ ने कृषि विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा दिए गए समयोचित मार्गदर्शन और तकनीकी सहयोग के प्रति अपना आभार व्यक्त किया है।