बीज और नर्सरी से खेती को बनाया कमाई का जरिया, छपरा के बागेंद्र महतो पीएम मोदी से पा चुके सम्मान – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: बिहार के किसान बागेंद्र महतो सब्जी पौधों की नर्सरी के जरिए अपनी खेती का और कमाई का तरीका बदल दिया है. उनकी नर्सरी से कई जिलों के किसान सब्जी के पौधे ले जाते हैं. बागेंद्र खुद बीज तैयार कर टमाटर, बैंगन, मिर्च और गोभी की नर्सरी तैयार करते हैं. वह फूलों के पौधे भी तैयार करके बेचते हैं और बेहतर आमदनी के लिए आसपास के किसानों को पौधे-बीज देते हैं. जबकि, किसानों को मुफ्त तकनीकी जानकारी भी देते हैं. इसके लिए उन्हें कई पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है.

बिहार के सारण जिले में मांझी प्रखंड के शीतलपुर गांव निवासी किसान बागेंद्र महतो ने पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर खेती को आय और रोजगार का बेहतर माध्यम बनाया है. खेती में उनके प्रयोग और नवाचार के लिए उन्हें विभिन्न स्तरों पर सम्मानित किया जा चुका है. अक्टूबर  2025 में प्रधानमंत्री मोदी ने प्राकृतिक खेती पर दिल्ली में कार्यक्रम में अन्य किसानों के साथ उन्हें सम्मानित किया. इसके अलावा स्थानीय कृषि यूनिवर्सिटी और जिला कृषि विभाग से सम्मान मिल चुकी है.

बागेंद्र महतो ने मीडिया को बताया कि उन्होंने बागवानी और कृषि विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर सब्जी पौधों को तैयार करने का तरीका सीखा. इसके बाद उन्होंने अपने एक खेत पर छोटे स्तर पर पौधों को तैयार करना शुरू किया है, जो आज कई एकड़ में नर्सरी के रुप में फैल चुकी है. वह बड़े पैमाने पर नकदी फसलों और सब्जियों की खेती करते हैं तथा जैविक तरीके अपनाने पर जोर देते हैं.

वह कहते हैं कि उनकी पहचान सब्जियों की नर्सरी तैयार करने को लेकर बनी है. उनके यहां टमाटर, बैंगन, हरी मिर्च, गोभी समेत कई सब्जियों के पौधे तैयार किए जाते हैं. खास बात यह है कि नर्सरी के लिए बीज की व्यवस्था भी वे स्वयं करते हैं. बीज तैयार करने के बाद उनसे पौधे विकसित किए जाते हैं और तैयार पौधों को आसपास के किसानों को उपलब्ध कराया जाता है. इससे उन्हें अतिरिक्त आमदनी होती है और स्थानीय किसानों को अपने खेतों के लिए तैयार पौधे आसानी से मिल जाते हैं.

बागेंद्र महतों प्राकृतिक तरीके से सब्जी फसलों के पौधे तैयार करते हैं.

प्रगतिशील किसान बागेंद्र महतो ने मीडिया को बताया कि वे गोभी, टमाटर, बैंगन समेत कई सब्जियों की खेती करते हैं. उनका मुख्य काम विभिन्न सब्जी पौधों की नर्सरी तैयार करना और किसानों को पौधे उपलब्ध कराना है. नर्सरी से होने वाली आमदनी उनके कृषि व्यवसाय का महत्वपूर्ण हिस्सा है. बागेंद्र महतो खेती के साथ बड़े पैमाने पर गेंदे के फूल की खेती भी करते हैं.

कृषि क्षेत्र में उनके प्रयोग और किसानों को नई तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित करने के प्रयासों के कारण उन्हें अलग-अलग स्तरों पर सम्मान मिला है. उनका कहना है कि किसान यदि पारंपरिक खेती के साथ उन्नत तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज और वैज्ञानिक नर्सरी प्रबंधन को अपनाएं, तो खेती से बेहतर आमदनी हासिल की जा सकती है. उनके अनुसार, बीज और पौध तैयार करने की प्रक्रिया को कृषि व्यवसाय से जोड़कर किसान अपनी आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित कर सकते हैं.

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