एग्रीवेट: हरियाणा सरकार ने खरीफ सीजन 2026 के लिए ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ (MFMB) पोर्टल पर फसल पंजीकरण फिर से शुरू कर दिया है. इससे उन किसानों को एक और मौका मिलेगा, जो तय समय में अपनी फसल का रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाए थे. कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने रविवार को इस संबंध में सर्कुलर जारी किया. इसमें बताया गया है कि जिन किसानों ने 31 जुलाई 2026 तक पंजीकरण नहीं कराया था और अब सरकारी खरीद में शामिल होने में परेशानी हो रही है, वे आवेदन कर सकते हैं.
विभाग के मुताबिक, ऐसे किसान अब अपने संबंधित SDM (उपमंडल अधिकारी) के पास आवेदन जमा कर सकते हैं. इससे किसानों को खरीफ फसल की सरकारी खरीद प्रक्रिया में शामिल होने का मौका मिल सकेगा. भाग के निदेशक ने सभी उपायुक्तों (DC) और कृषि उपनिदेशकों (DDA) को किसानों से मिले आवेदनों का जल्द सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं. विभाग के मुताबिक, SDM कार्यालयों के जरिए जमा किए गए आवेदनों की जांच अधिकतम 3 दिन के भीतर पूरी करनी होगी. आवेदनों का सत्यापन विभाग की ओर से जारी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार किया जाएगा. इससे किसानों को फसल पंजीकरण और सरकारी खरीद प्रक्रिया में शामिल होने के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा.
हरियाणा में खरीफ सीजन के लिए ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ (MFMB) पोर्टल 21 सितंबर से फिर खोल दिया गया है. यह पोर्टल 27 सितंबर 2026 तक खुला रहेगा. इससे उन पात्र किसानों को फसल पंजीकरण का एक और मौका मिलेगा, जो पहले तय समय में रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाए थे. करनाल के कृषि उपनिदेशक डॉ. जसविंदर सिंह ने द ट्रिब्यून को कहा कि पात्र किसान इस अवधि में आवेदन कर सकते हैं. विभाग ने संबंधित उपायुक्तों और कृषि उपनिदेशकों को आवेदनों का समय पर और सही तरीके से सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं. विभाग का कहना है कि सत्यापन प्रक्रिया में देरी नहीं होनी चाहिए, ताकि किसानों को धान और अन्य खरीफ फसलों की सरकारी खरीद के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.
हरियाणा में खरीफ सीजन 2026 के लिए ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ (MFMB) पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन से छूटे किसानों को अब SDM कार्यालय में लिखित आवेदन देना होगा. आवेदन के साथ किसानों को जमीन से जुड़ी पूरी जानकारी देनी होगी. इसमें खेवट नंबर, खसरा नंबर और खेती का रकबा शामिल है. SDM कार्यालय इन आवेदनों की जानकारी अपने लॉगिन के जरिए MFMB पोर्टल पर दर्ज करेगा. इसके बाद संबंधित राजस्व अधिकारियों की मदद से तीन दिन के भीतर जमीन और फसल के दावे का सत्यापन किया जाएगा.
दावे का सत्यापन सही पाए जाने के बाद किसान की अनुमानित फसल उत्पादन की जानकारी तैयार की जाएगी. यह जानकारी ई-खरीद पोर्टल से जोड़ी जाएगी. इससे पात्र किसानों को सरकारी खरीद व्यवस्था में शामिल होने और अपनी फसल बेचने का मौका मिलेगा. उपायुक्तों को सत्यापन और डेटा अपलोड करने की प्रक्रिया की रोजाना निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो. SDM को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि खरीफ 2026 में पहले से रजिस्टर्ड जमीन या फसल के रकबे का दोबारा पंजीकरण न हो. अगर किसी जमीन के रकबे पर पहले ही किसी दूसरे किसान ने खरीफ 2026 के लिए दावा किया है, तो उसी जमीन को दोबारा रजिस्टर नहीं किया जाएगा.