एग्रीवेट: खरीफ मार्केटिंग सीजन (KMS) 2026-27 शुरू होने से पहले हरियाणा के करनाल जिला प्रशासन ने धान खरीद को लेकर तैयारी तेज कर दी है. प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मंडियों में धान की एंट्री के समय ही गेट पर नमी की जांच की जाए. इससे खरीद प्रक्रिया सुचारू रखने और मंडियों में वाहनों की लंबी कतार से बचने में मदद मिलेगी. उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों और मार्केट कमेटियों के सचिवों को मंडी गेट पर डिजिटल नमी मापक यंत्र लगाने के निर्देश दिए हैं. गेट पर धान की शुरुआती जांच की जाएगी. तय नियमों के मुताबिक 17 फीसदी तक नमी वाले धान की खरीद की जाएगी.
प्रशासन के मुताबिक, मंडी गेट पर पहले ही नमी की जांच होने से खरीद के दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली की लंबी कतार और मंडियों के आसपास जाम की स्थिति से बचा जा सकेगा. किसानों को खरीद के नियमों की पहले से जानकारी दी जाएगी और उन्हें अच्छी तरह सुखाकर धान मंडी लाने की सलाह दी जाएगी.
वहीं, करनाल में मंडी गेट पर धान की नमी जांच के फैसले पर किसानों ने आपत्ति जताई है. किसानों का कहना है कि नई कटी धान की फसल में नमी ज्यादा हो सकती है, इसलिए सरकार को खरीद के लिए नमी की सीमा बढ़ाकर 20 फीसदी करनी चाहिए. भारतीय किसान यूनियन (सर छोटूराम) के प्रवक्ता बहादुर सिंह मेहला ने द ट्रिब्यून से कहा कि मंडी के गेट पर नमी की जांच करने से किसानों को नुकसान हो सकता है. उन्होंने कहा कि कंबाइन से कटाई के बाद धान में नमी का स्तर ज्यादा रह सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि कई किसानों के पास धान को मंडी ले जाने से पहले अच्छी तरह सुखाने की पर्याप्त सुविधा नहीं है. ऐसे में 17 फीसदी नमी की सीमा किसानों के लिए परेशानी पैदा कर सकती है.
किसानों ने मांग की है कि अगर धान में नमी ज्यादा होने पर उसे मंडी गेट पर रोका जाता है, तो मंडी में ही फसल सुखाने की व्यवस्था प्रशासन को करनी चाहिए. किसानों का कहना है कि कई किसानों के पास धान को सुखाने की पर्याप्त सुविधा नहीं है. वहीं, एक अधिकारी ने कहा कि किसानों को 17 फीसदी से ज्यादा नमी वाला धान मंडी में नहीं लाने की सलाह दी जा रही है. किसानों से कहा गया है कि मंडी लाने से पहले धान को अच्छी तरह सुखा लें. इसके लिए गांवों में सरपंच, पंचायत सचिव और नंबरदार के जरिए खरीद के नियमों की जानकारी दी जाएगी.
उपायुक्त ने मार्केट कमेटियों को मंडियों में किसानों की सुविधा के लिए पीने का पानी, रोशनी, शेड, शौचालय और तिरपाल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. बारिश की स्थिति में धान को भीगने से बचाने के लिए भी जरूरी इंतजाम करने को कहा गया है. ऐसे करनाल में धान खरीद को लेकर इस बार निगरानी बढ़ाई जा रही है. गेट पास की जांच और मंडियों में धान की आवक पर नजर रखने की व्यवस्था की जा रही है. प्रशासन का कहना है कि इन उपायों का मकसद खरीद प्रक्रिया में गड़बड़ी रोकना और व्यवस्था को सुचारू रखना है.