15 अक्टूबर से UPI का नया नियम लागू, जानें किसे देना होगा पेमेंट चार्ज.. राहुल गांधी ने MDR पर उठाए सवाल – एग्रीवेट

atulpradhan
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एग्रीवेट: भारत में UPI पेमेंट से जुड़े नए नियम 15 अक्टूबर से लागू होने जा रहे हैं. नए फ्रेमवर्क के तहत कुछ चुनिंदा मर्चेंट पेमेंट पर Merchant डिस्काउंट Rate (MDR) लागू होगा. हालांकि, ग्राहकों से UPI पेमेंट करने पर कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा. PhonePe, Paytm, GPay समेत अन्य UPI ऐप के जरिए भुगतान करने वाले ग्राहकों पर इसका सीधा शुल्क नहीं पड़ेगा. यानी UPI के नए फ्रेमवर्क के तहत एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति (P2P) को पैसे भेजना पूरी तरह मुफ्त रहेगा. वहीं, मर्चेंट को 2,000 रुपये तक का भुगतान करने पर भी कोई शुल्क नहीं लगेगा. 2,000 रुपये से अधिक के कुछ मर्चेंट पेमेंट (P2M) पर नया Merchant डिस्काउंट Rate (MDR) लागू होगा. 15 सितंबर को जारी FAQ के मुताबिक, करीब 96 फीसदी P2M ट्रांजैक्शन पर नए नियमों का कोई असर नहीं पड़ेगा. सरकार का कहना है कि नए नियम के तहत Merchant डिस्काउंट Rate (MDR) लागू किया गया है. इसके तहत 2,000 रुपये से ज्यादा के मर्चेंट पेमेंट पर 0.40 फीसदी तक MDR देना होगा. हालांकि, यह शुल्क सभी व्यापारियों पर लागू नहीं होगा. तो आइए जानते हैं किसे, कितना देना होगा ये चार्ज. वहीं, कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने MDR पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा है कि मोदी सरकार ने चुपचाप UPI पर फीस लगाने का रास्ता खोल दिया है. उन्होंने कहा कि अब 2,000 रुपये से ऊपर के merchant UPI लेन-देन पर MDR लगाया जा सकता है. इन ट्रांजैक्शंस की संख्या भले ही सिर्फ़ 5 फीसदी हो, लेकिन UPI के कुल transaction value का करीब 65 फीसदी इन्हीं में है. सरकार कहती है कि ग्राहक से कोई फीस नहीं ली जाएगी. लेकिन दुकानदार पर लगने वाली फीस आखिर आएगी कहां से?

राहुल गांधी ने कहा कि अमेरिकी payment कंपनियां लंबे समय से भारत की zero-MDR नीति का विरोध करती रही हैं. अब मोदी सरकार ने ठीक उसी दिशा में नीति बदलने का रास्ता खोल दिया है. US Trade Deal की तरह ही, Compromised प्रधानमंत्री मोदी एक बार फिर अमेरिकी दबाव के सामने surrender कर रहे हैं. मोदी सरकार ने चुपचाप UPI पर फ़ीस लगाने का रास्ता खोल दिया है।

अब ₹2,000 से ऊपर के merchant UPI लेन-देन पर MDR लगाया जा सकता है। इन ट्रांजैक्शंस की संख्या भले ही सिर्फ़ 5% हो, लेकिन UPI के कुल transaction value का करीब 65% इन्हीं में है। सरकार कहती है कि ग्राहक से कोई फ़ीस नहीं… — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 15, 2026 सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि नया MDR सिर्फ चुनिंदा व्यापारियों और तय श्रेणी के लेनदेन पर लागू किया जाएगा. यानी 2,000 रुपये से ज्यादा का हर UPI भुगतान शुल्क के दायरे में नहीं आएगा. सरकार ने इसे लेकर जरूरी जानकारी साझा की है. इसके मुताबिक, ग्राहकों को UPI पेमेंट करने पर कोई चार्ज नहीं देना होगा, चाहे भुगतान 2,000 रुपये से ज्यादा का ही क्यों न हो. नहीं. MDR सिर्फ पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) लेनदेन पर लागू होगा. ग्राहक अगर 2,000 रुपये से ज्यादा का भुगतान करता है, तो उससे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा. यह चार्ज केवल चुनिंदा व्यापारियों पर लागू होगा. अगर कोई चुनिंदा व्यापारी 2,000 रुपये से ज्यादा का UPI भुगतान प्राप्त करता है, तो उस पर 0.4 फीसदी MDR लागू होगा. हालांकि, एक लेनदेन पर MDR की अधिकतम सीमा 300 रुपये तय की गई है. यानी किसी भी लेनदेन पर 300 रुपये से ज्यादा MDR नहीं लिया जाएगा. UPI के नए Merchant डिस्काउंट Rate (MDR) नियमों में छोटे व्यापारियों को राहत दी गई है. सरकार की ओर से जारी FAQ में बताया गया है कि छोटे व्यापारियों से MDR नहीं लिया जाएगा. वहीं, 2,000 रुपये से कम के UPI पेमेंट पर किसी भी व्यापारी से कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा. जवाब: छोटे व्यापारियों को MDR चार्ज से छूट दी गई है. ऐसे व्यापारी 2,000 रुपये से कम या ज्यादा, किसी भी राशि का UPI पेमेंट प्राप्त करते हैं तो उनसे MDR नहीं लिया जाएगा. जवाब: सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक, P2PM यानी पर्सन-टू-पर्सन मर्चेंट, दुकानदार और छोटे व्यापारियों को इस श्रेणी में रखा गया है. अगर ऐसे व्यापारी QR कोड के जरिए हर महीने 1 लाख रुपये तक का पेमेंट प्राप्त करते हैं, तो उन पर MDR लागू नहीं होगा. जवाब: नहीं. 2,000 रुपये से कम के UPI पेमेंट पर MDR नहीं लगेगा. यह नियम छोटे और बड़े, दोनों तरह के व्यापारियों पर लागू होगा. यानी 2,000 रुपये से कम का भुगतान करने या प्राप्त करने पर किसी से कोई MDR चार्ज नहीं लिया जाएगा. जवाब: सरकार के मुताबिक, 2,000 रुपये से ज्यादा का पेमेंट प्राप्त करने वाले बड़े व्यापारी कुल UPI पेमेंट का करीब 5 फीसदी हैं. वहीं, करीब 95 फीसदी छोटे व्यापारी हैं, जिन्हें MDR से छूट दी गई है. MDR चार्ज सिर्फ तय श्रेणी के चुनिंदा मर्चेंट पर लागू होगा. यह शुल्क ग्राहक से नहीं लिया जाएगा, बल्कि संबंधित मर्चेंट के बैंक खाते से काटा जाएगा. यानी UPI से भुगतान करने वाले ग्राहक पर नए MDR नियम का सीधा वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा. वहीं, कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने UPI के नए Merchant डिस्काउंट Rate (MDR) को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि UPI लेनदेन पर चार्ज लगाना आम लोगों के लिए चिंता का विषय है. सुरजेवाला ने दावा किया कि सरकार अभी पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) यानी ग्राहक से दुकानदार के बीच होने वाले कुछ UPI लेनदेन पर 0.4 फीसदी MDR लागू कर रही है. उन्होंने आशंका जताई कि भविष्य में इसे पर्सन-टू-पर्सन (P2P) यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के बीच होने वाले लेनदेन तक भी बढ़ाया जा सकता है. उन्होंने यह भी दावा किया कि MDR की दर आगे बढ़ाई जा सकती है.

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