स्रोत (Source): Kisan India
Agriculture Zonal Conference Hyderabad: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसान केवल अन्नदाता नहीं है, वह जीवनदाता भी है, उनके बिना हमारा काम नहीं चल सकता. किसानों की कमाई बढ़ाने के लिए उत्पादन और क्वालिटी के साथ सेवाओं तक पहुंच आसान करने पर काम करना होगा.
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नारियल प्रोत्साहन योजना लाने के बाद से नारियल का निर्यात बढ़कर 7 हजार करोड़ के पार पहुंच गया है. तेलंगाना के हैदराबाद में आयोजित जोनल कॉन्फ्रेंस में कृषि मंत्री ने कृषि उत्पादन और निर्यात को लेकर केंद्र के लक्ष्यों के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि खेती के तीन लक्ष्यों में पहला फूड सिक्योरिटी सुनिश्चित करना, दूसरा किसानों की आजीविका सुनिश्चित करना और तीसरा पोषण युक्त आहार उपलब्ध कराने का संकल्प लिया गया है. उन्होंने कहा इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार राज्यों की पूरी मदद करेगी.
तेलंगाना के हैदराबाद में ट्राइडेंट होटल में साउथ जोनल एग्रीकल्चर कॉन्फ्रेंस 2026 आयोजित हुई. इसमें केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह जोन कॉन्फ्रेंस (Zonal Conference) किसानों की जिंदगी बदलने, देश की फूड सिक्योरिटी सुनिश्चित करने, कृषि के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाने और खेती के जरिए हमारी अर्थव्यवस्था को नई गति देने के लिए है. उन्होंने कहा कि किसान केवल अन्नदाता नहीं है, वह जीवनदाता भी है, उनके बिना हमारा काम नहीं चल सकता.
नारियल निर्यात 62 फीसदी बढ़कर 7 हजार करोड़ के पार
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि एक साल में हमारा नारियल निर्यात 4349 करोड़ रुपये से बढ़कर 7038 करोड़ रुपये हो गया है. एक साल में इसमें 62 फीसदी की ग्रोथ हुई है. उन्होंने कहा कि नारियल प्रोत्साहन योजना से किसानों को लाभ मिला है और उत्पादन तेजी से बढ़ा है. उन्होंने कहा कि अन्य फसलों के उत्पादन को बढ़ाने की जरूरत है, जिनमें दक्षिण राज्यों में बागवानी फसलें प्रमुखता से शामिल हैं.
खेती के तीन लक्ष्यों को पूरा कराने के लिए संकल्प
दक्षिणी राज्यों में कृषि एवं बागवानी के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों की सराहना करते हुए माननीय केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों के प्रयासों को रेखांकित किया. साथ ही, भारत सरकार की ओर से राज्यों को हरसंभव सहयोग जारी रखने की बात कही. उन्होंने बताया कि खेती को लेकर हमारे तीन लक्ष्य हैं, जिनमें पहला फूड सिक्योरिटी सुनिश्चित करना. दूसरा किसानों की आजीविका सुनिश्चित करना और तीसरा पोषण युक्त आहार उपलब्ध कराना. इन्हें पूरा करने के लिए केंद्र सरकार राज्यों का पूरा सहयोग करेगी.
जहां जरूरी है वहां नियम बदलना चाहिए
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नियम जनता के लिए हैं, जनता नियमों के लिए नहीं. उन्होंने पुराने नियमों एवं प्रक्रियाओं में आवश्यक बदलाव के लिए राज्यों से सुझाव देने का आह्वान किया. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार फाइल में नहीं, जनता की लाइफ में दिखनी चाहिए. इसलिए जहां नियमों में बदलाव की जरूरत है, आप सजेस्ट कीजिए. भारत सरकार भी करेगी और जो राज्य सरकारों को करना है, वो निश्चित तौर पर राज्य सरकारें करें, ताकि हम जनता को ज्यादा राहत देने का काम कर सकें.
जलवायु परिवर्तन किसानों के लिए चिंता का विषय
केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि देश को खेती के लिहाज से 5 जोन में बांटा गया है. आज चिंतन इस बात पर हो रहा है कि किसानी को और बेहतर कैसे किया जाए. खेती को जलवायु परिवर्तन से नुकसान पहुंच रहा है और यह किसानों के लिए चिंता का विषय है तो इस पर मंथन और चिंतन चल रहा है. वहीं, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने कहा कि भारत के कृषि विभाग की यह बहुत बड़ी देन है. प्रधानमंत्री मोदी के अलावा किसी प्रधानमंत्री ने कृषि पर इतना ध्यान नहीं दिया है. आज हर जोन के किसानों की मुसीबतें मुश्किलों के बारे में जाना जा रहा है और दूर करने के प्रयास और मंथन किया गया है.