एग्रीवेट: mal Husbandry: सर्दियों का मौसम शुरू होते ही पशुपालकों को अपने मवेशियों की सेहत और खान-पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है. ठंड बढ़ने के साथ पशुओं की ऊर्जा की जरूरत भी बढ़ जाती है. ऐसे में अगर उन्हें पर्याप्त पोषण नहीं मिलता, तो उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है और दूध उत्पादन में भी गिरावट आ सकती है. कई पशुपालक सर्दियों में पशुओं को सिर्फ धान का पुआल या सूखा चारा खिलाते हैं, जबकि यह उनकी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है. पशु चिकित्सक कुंवर घनश्याम (कृषि विज्ञान केंद्र, नोएडा) के अनुसार, सर्दियों में पशुओं को संतुलित आहार देने के साथ उनके पानी और रहने की व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए.
सर्दियों में कई पशुपालक पशुओं को पेट भरने के लिए केवल धान का पुआल खिलाते हैं. लेकिन पुआल में पोषक तत्वों की मात्रा कम होती है. इससे पशुओं को पर्याप्त ऊर्जा और पोषण नहीं मिल पाता. ठंड के मौसम में शरीर का तापमान बनाए रखने के लिए पशुओं को सामान्य दिनों की तुलना में अधिक ऊर्जा की जरूरत होती है. ऐसे में केवल सूखा चारा खिलाने से उनकी सेहत प्रभावित हो सकती है. पशुओं के आहार में गेहूं का भूसा, हरा चारा और संतुलित पशु आहार शामिल करना चाहिए.
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ठंड और पोषण की कमी का सीधा असर दुधारू पशुओं की उत्पादन क्षमता पर पड़ सकता है. जब पशुओं को पर्याप्त ऊर्जा, प्रोटीन और खनिज तत्व नहीं मिलते, तो उनका शरीर जरूरी पोषक तत्वों का इस्तेमाल अपनी जरूरतें पूरी करने में करने लगता है. इससे दूध उत्पादन प्रभावित हो सकता है. कुछ परिस्थितियों में दूध की मात्रा 10 से 20 प्रतिशत तक कम हो सकती है. इसलिए पशुपालकों को पशुओं के आहार में खली, चोकर और मिनरल मिक्सचर शामिल करना चाहिए. इससे उन्हें जरूरी पोषक तत्व मिलेंगे.
सर्दियों में पशुओं को पानी पिलाने के तरीके पर भी ध्यान देना जरूरी है. बहुत ठंडा पानी पीने से पशुओं को परेशानी हो सकती है. इसलिए उन्हें सामान्य तापमान का ताजा पानी देना चाहिए. जरूरत पड़ने पर हल्का गुनगुना पानी भी दिया जा सकता है. इसके अलावा पशुओं को दिनभर पर्याप्त साफ पानी उपलब्ध कराना चाहिए. पानी की कमी से उनके पाचन और स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है. पशुओं के चारे में थोड़ी मात्रा में गुड़ भी शामिल किया जा सकता है, लेकिन इसकी मात्रा संतुलित रखनी चाहिए.
सर्दियों में पशुओं को स्वस्थ रखने के लिए उनके रहने की जगह का ध्यान रखना भी जरूरी है. उन्हें गीली जमीन या ठंडी फर्श पर नहीं बांधना चाहिए. पशुओं के नीचे सूखा बिछावन, भूसा या टाट की बोरी डाल सकते हैं. रात के समय उन्हें खुले में छोड़ने से बचें और ऐसे स्थान पर रखें, जहां ठंडी हवा सीधे न लगे. पशुओं के आहार में हरा चारा, सूखा चारा, दाना, खली और मिनरल मिक्सचर का संतुलित मिश्रण दें. सही खान-पान और बेहतर देखभाल से पशुओं को सर्दियों में बीमारियों से बचाने के साथ दूध उत्पादन बनाए रखने में भी मदद मिल सकती है.