25 करोड़ बजट वाली महिला किसान खुशहाली योजना, खेती के लिए मिलेंगे 7 लाख रुपये तक की मदद—पढ़ें इनसाइड स्टोरी – एग्रीवेट

atulpradhan
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एग्रीवेट: Mahila Kisan Khushali Yojana: झारखंड में महिला किसानों की आमदनी बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए महिला किसान खुशहाली योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है. योजना के तहत महिलाओं को सिर्फ खेती तक सीमित रखने के बजाय पशुपालन, बागवानी और दूसरी कृषि गतिविधियों से भी जोड़ा जाएगा. इससे एक ही किसान परिवार के लिए कमाई के कई रास्ते तैयार करने की कोशिश है. प्रत्येक लाभार्थी को एकीकृत खेती के लिए अधिकतम 7 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद मिल सकती है.

खेती के साथ पशुपालन और बागवानी पर जोर

महिला किसान खुशहाली योजना  में इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम (IFS) को बढ़ावा दिया जाएगा. इसका मतलब है कि किसान एक ही जगह या उपलब्ध संसाधनों के आधार पर खेती के साथ पशुपालन, बागवानी और दूसरी संबंधित गतिविधियां भी कर सकेंगी. उदाहरण के तौर पर महिला किसान फसल उत्पादन के साथ सब्जियों, फलों या दूसरी बागवानी फसलों की खेती कर सकती हैं. इसके अलावा पशुपालन को भी खेती से जोड़ा जाएगा. इस तरह अगर किसी एक गतिविधि से कम आमदनी होती है, तो दूसरी गतिविधियों से उसकी भरपाई करने में मदद मिल सकती है.

तकनीकी मदद से बाजार तक जोड़ने की तैयारी

झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि महिला किसानों को इंटीग्रेटेड फार्मिंग  से जोड़ने के साथ उन्हें तकनीकी मदद दी जाएगी. इसके अलावा महिलाओं को ऑफलाइन और ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर भी जोर दिया जाएगा. योजना का लक्ष्य महिलाओं को खेती में अधिक सक्रिय भूमिका देना और उनकी कमाई के स्थायी साधन तैयार करना है. सरकार का मानना है कि खेती को पशुपालन, बागवानी और बाजार से जोड़कर महिलाओं के लिए बेहतर आजीविका के अवसर बनाए जा सकते हैं. इससे महिला किसान अपने परिवार की आय बढ़ाने के साथ आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर भी बन सकती हैं.

एक महिला किसान को मिल सकती है 7 लाख तक मदद

योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को एकीकृत खेती का मॉडल तैयार करने के लिए 7 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता देने का प्रावधान  रखा गया है. इसके साथ ही झारखंड सरकार ने इस योजना के लिए 25 करोड़ रुपये का बजट तय किया है. इस सहायता का इस्तेमाल खेती और उससे जुड़ी दूसरी गतिविधियों को विकसित करने में किया जा सकेगा. सरकार का जोर केवल आर्थिक मदद देने पर नहीं है. महिलाओं को खेती की नई तकनीक, जरूरी जानकारी और काम को बेहतर तरीके से चलाने के लिए तकनीकी सहायता भी देने की बात कही गई है. इससे महिला किसानों को अपने स्तर पर खेती से जुड़ी गतिविधियां बढ़ाने में मदद मिलेगी.

राज्य स्तरीय बैठक में योजना के ढांचे पर चर्चा

योजना को जमीन पर लागू  करने के लिए राज्य स्तर पर हितधारकों के साथ एक परामर्श बैठक आयोजित की गई. इसमें सरकारी अधिकारियों, संबंधित पक्षों और महिला किसानों को शामिल किया गया. बैठक में योजना को बेहतर बनाने और इसे किसानों की जरूरत के हिसाब से तैयार करने को लेकर सुझाव लिए गए. झारखंड सरकार ने महिला सशक्तिकरण को योजना का अहम हिस्सा बताया है. बैठक से मिले सुझावों को योजना के अंतिम ढांचे में शामिल किया जाएगा, ताकि इसका फायदा जरूरतमंद महिला किसानों तक पहुंचाया जा सके.

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