एग्रीवेट: तेलंगाना में बुधवार सुबह करीब 27 लाख किसानों के मोबाइल पर रायतु भरोसा योजना के तहत पैसे जारी होने का SMS पहुंचा. संदेश में बताया गया था कि किसानों के खाते में योजना की राशि भेज दी गई है, लेकिन कुछ ही देर बाद कृषि विभाग ने इन संदेशों को फर्जी बताते हुए साफ कर दिया कि उसकी ओर से ऐसा कोई SMS नहीं भेजा गया है. अब इस मामले की जांच तेलंगाना पुलिस की साइबर क्राइम विंग कर रही है.
दरअसल, रायतु भरोसा योजना तेलंगाना सरकार की एक किसान सहायता योजना है. इसके तहत किसानों को खरीफ और रबी, दोनों सीजन के लिए खेती की तैयारी में मदद दी जाती है. योजना के अंतर्गत किसानों को प्रति सीजन 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलती है, ताकि वे बीज, खाद और खेती से जुड़ी दूसरी जरूरी चीजें खरीद सकें.
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तेलंगाना के कृषि निदेशक बी. गोपी ने बताया कि कुछ जिलों के किसानों को मिले SMS पूरी तरह फर्जी थे. कृषि विभाग ने संबंधित तकनीकी एजेंसियों से जानकारी लेने के बाद पुष्टि की कि उनकी तरफ से ऐसा कोई भी संदेश जारी नहीं किया था. उन्होंने बताया कि किसानों को आधिकारिक जानकारी भेजने के लिए विभाग सीडीएसी (C-DAC) के SMS सेवा पोर्टल का इस्तेमाल करता है. इसके बावजूद विभाग की ओर से रायतु भरोसा योजना के तहत पैसे जारी होने का कोई संदेश नहीं भेजा गया.
मामले की गंभीरता को देखते हुए कृषि निदेशक ने तेलंगाना पुलिस की साइबर क्राइम विंग के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर जांच की मांग की है. विभाग को आशंका है कि किसी ने उसके नाम का गलत इस्तेमाल किया है या फिर SMS भेजने वाले सिस्टम तक फर्जी तरीके से पहुंच बनाई गई है. विभाग ने पुलिस से यह पता लगाने को कहा है कि आखिर ये संदेश कहां से भेजे गए और इसके पीछे किस व्यक्ति, एजेंसी या संस्था का हाथ है. साथ ही यह भी जांच करने की मांग की गई है कि कहीं सीडीएसी के SMS पोर्टल या किसी दूसरे मैसेजिंग सिस्टम का गलत इस्तेमाल तो नहीं हुआ.
कृषि विभाग ने पुलिस से SMS गेटवे, प्रेषक की पहचान (Sender ID), संदेश भेजने के रिकॉर्ड और संबंधित IP एड्रेस की जांच करने को कहा है. इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि किसानों के मोबाइल पर एक साथ इतने सारे संदेश कैसे पहुंचे. विभाग का कहना है कि इस तरह के फर्जी संदेश किसानों के बीच भ्रम पैदा कर सकते हैं. इससे सरकारी योजनाओं को लेकर गलत जानकारी फैलने के साथ कृषि विभाग और रायतु भरोसा योजना की विश्वसनीयता पर भी असर पड़ सकता है, इसलिए मामले की जल्द से जल्द जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है.