किसानों का बकाया 22 करोड़ रुपये नहीं दे रही चीनी मिल, नाराज किसानों का लीगल कार्रवाई का लिया सहारा – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: गन्ना का पेराई सत्र शुरू हो चुकी है और तेजी से उत्तर प्रदेश की मिलों में गन्ना पेराई प्रक्रिया चल रही है. एक ओर जहां किसान गन्ना मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग को लेकर आंदोलित हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ मिलों पर किसानों का बकाया भुगतान अभी तक नहीं चुकाने के आरोप हैं. इस तरह के पश्चिमी यूपी के बिजनौर जिले की बिलाई शुगर मिल का मामला गरमा गया है. आजाद समाज पार्टी के किसान मोर्चा की ओर से बिलाई शुगर मिल मालिकों के खिलाफ पुलिस अधीक्षक को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है.

पश्चिमी यूपी के बिजनौर में स्थिति बिलाई शुगर मिल पर गन्ना किसानों का बकाया नहीं चुकाने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गया है. पुलिस अधीक्षक को दी गई तहरीर में कहा गया है कि बिलाई शुगर मिल की किसानों का लगभग 22 करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान लंबे समय से रोके रखने तथा किसानों के वैधानिक अधिकारों का हनन किया गया है. इसलिए बिलाई शुगर मिल के मालिक कुशाग्र बजाज पुत्र शिशिर बजाज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई करने की मांग की गई है.

तहरीर के अनुसार बिलाई शुगर मिल द्वारा क्षेत्र के हजारों गन्ना किसानों का लगभग 22 करोड़ रुपये का भुगतान लंबे समय से बकाया रखा गया है. किसान अपनी मेहनत, लागत और जमा पूंजी लगाकर गन्ने की फसल तैयार करते हैं तथा मिल को आपूर्ति करते हैं, लेकिन मिल प्रबंधन की ओर से उनकी मेहनत की कमाई का भुगतान नहीं किया जा रहा है. भुगतान लंबित रहने के कारण किसानों की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो रही है.

बताया गया कि किसानों का गन्ना मूल्य अटकाए रखने से आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. बच्चों की शिक्षा, परिवार के भरण-पोषण, खेती की लागत, खाद-बीज, विजली बिल और बैंक ऋण चुकाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. दीपावली जैसे त्योहार पर भी किसान अपने ही पैसे के लिए परेशान हैं. कहा गया कि यह केवल भुगतान में देरी का मामला नहीं, बल्कि किसानों के वैधानिक अधिकारों और कानून के पालन से जुड़ा गंभीर विषय है.

गन्ना नियंत्रण आदेश 1966 के खंड 3 (3) के अनुसार गन्ना खरीद के 14 दिनों के भीतर भुगतान किया जाना अनिवार्य है. इसके साथ ही खंड :(3-आ) के तहत विलंबित भुगतान पर 15 फीसदी वार्षिक ब्याज का प्रावधान है. इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश गन्ना (आपूर्ति एवं खरीद विनियमन) अधिनियम 1953 की धारा 17 के अंतर्गत भुगतान तथा धारा 17(4) के अंतर्गत बकाया राशि की वसूली का प्रावधान है. इसके बावजूद किसानों का करोड़ों रुपये का भुगतान रोके रखना. अत्यंत गंभीर मामला है.

आजाद समाज पार्टी के किसान मोर्चा के नेता जितेंद्र राणा ने बताया कि बिलाई शुगर मिल कुशाग्र बजाज पुत्र शिशिर बजाज सहित इस प्रकरण के लिए जिम्मेदार मिल प्रबंधन के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पुलिस प्रशासन से की गई है. उन्होंने बताया कि मिल प्रबंधन से पीड़ित किसानों ने कई बार मिलकर राशि जारी करने की मांग की लेकिन सुनवाई नहीं हुई. जिसके चलते अब मिल मालिक के खिलाफ के लिए कार्रवाई के लिए तहरीर दी गई है.

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