एग्रीवेट: 02 नवंबर 2026, इंदौर: विक्रम जिबोर : बढ़ाए मिट्टी की उर्वरा क्षमता और करे उपज में वृद्धि – प्रायः देखा गया है कि लगातार फसल लेने से मिट्टी की उर्वरा क्षमता कम हो जाती है , जिससे फसल उत्पादन पर विपरीत प्रभाव पड़ता है । भूमि की उर्वरा क्षमता को संतुलित रखने तथा उपज बढ़ाने के लिए देश की प्रतिष्ठित उर्वरक कम्पनी अरिहंत फर्टिलाइज़र एन्ड केमिकल्स इंडिया लिमिटेड का गुणवत्ता युक्त उत्पाद ‘विक्रम जिबोर ‘ सिंगल सुपर फास्फेट कारगर साबित होता है । विक्रम जिबोर ज़िंक एवं बोरोन युक्त फास्फोरस का एक प्रमुख सुलभ और सस्ता स्रोत है । जिसका उपयोग करने से मिट्टी की उर्वरा क्षमता , जड़ों की मज़बूती ,पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता के साथ ही उपज में चमत्कारिक वृद्धि करता है ।
उल्लेखनीय है कि विक्रम जिबोर में माइक्रो एवं मेक्रो न्यूट्रिएंट्स जैसे कि कैल्शियम, सल्फर , मोलिब्लेडनम ,आयरन , कॉपर आदि भी पाए जाते हैं जो सभी फसलों , विशेषकर तिलहनी फसलों के लिए वरदान साबित होते हैं । दरअसल विक्रम जिबोर खाद में पोषण से भरपूर तत्वों का ऐसा अद्भुत मेल है , जो सोयाबीन , मक्का , कपास, गेहूं, मूंग , चना , मटर ,प्याज़ , लहसुन , गन्ना, आलू , धान , बाजरा , टमाटर , मिर्च के अलावा फल एवं फूल वाली फसलों के लिए अत्यधिक लाभदायक है ।
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विक्रम जिबोर – सिंगल सुपर फास्फेट के प्रमुख घटक और उनके कार्य – विक्रम जिबोर में नौ तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं , जो फसलों में निम्न तरीके से कार्य करते हैं –
1 – फास्फोरस – यह फसलों की संतुलित वृद्धि में सहायक होने के साथ ही जड़ों को भी मज़बूती प्रदान करता है ।2 – गंधक – यह तने में वृद्धि करता है और पैदावार को बढ़ाता है ।3 – कैल्शियम – यह जड़ों के विकास , पौधों की अंग रचना एवं कोशिकाओं का अभिन्न तत्व होने से पौधों को मज़बूती देता है और दानों को चमकदार बनाता है ।4 – बोरोन – यह जड़ों के विकास में मदद करता है और फल -फूल की प्रक्रिया को बढ़ाने के अलावा पत्तियों का विकास करता है ।5 – ज़िंक – यह पौधों का समुचित विकास तो करता ही है , साथ ही तने को मज़बूत कर खैरा रोग को भी नियंत्रित करता है ।6 – आयरन -यह नई पत्तियों की वृद्धि करता है और पौधों के विकास में सहायक होता है ।7 – कॉपर – यह पत्तियों को पीली पड़ने से रोकता है । शिराओं की रक्षा करता है एवं तनों की गांठों का विकास करता है ।8 – मैगनीज – यह टहनियों का विकास करता है , पत्तियों को सूखने से रोकता है एवं नई पत्तियों का विकास करता है ।9 – मोलिब्लेडनम – यह मिट्टी से अन्य पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ाता है । खास बात यह कि मोलिब्लेडनम के साथ बीज उपचार सभी प्रकार के फलीदार पौधों / सब्जियों के लिए फायदेमंद होता है ।
उपयोग की मात्रा – विक्रम जिबोर की तीन बोरी प्रति एकड़ मात्रा निर्धारित है । किसान इस दर से विक्रम जिबोर का इस्तेमाल कर अत्यधिक उपज के साथ अधिक मुनाफा कमा सकते हैं ।