एग्रीवेट: चक्रवात मुरासु के आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट की ओर बढ़ने के साथ तमिलनाडु के उत्तरी हिस्सों में भारी बारिश हुई और चेन्नई के कई इलाकों में जलभराव हो गया. चक्रवात चेन्नई से करीब 250-260 किलोमीटर दूर स्थित था. चेन्नई हवाई अड्डा प्रशासन ने सोमवार को बताया कि खराब मौसम के कारण कुछ उड़ानें रद्द कर दी गई हैं. वहीं, इलाके के स्कूलों को अगले सप्ताह तक के लिए बंद कर दिया गया है. नारियल, केला समेत अन्य बागवानी फसलों को नुकसान पहुंचा है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने चेन्नई के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है और कहा है कि 11 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश होने की आशंका है. शहर के स्कूलों में सोमवार को अवकाश घोषित किया गया है. कुछ स्कूलों में अगले अपडेट तक छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं. चेन्नई, चेंगलपट्टू और तिरुवल्लूर जिलों के कई हिस्सों में रविवार रात से मूसलाधार बारिश हो रही है. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार एक अधिकारी ने बताया कि पिछले 24 घंटे में माधवरम में 11 सेंटीमीटर, एन्नोर बंदरगाह पर 10 सेंटीमीटर और नुंगमबक्कम में 10 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई.
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ग्रेटर चेन्नई निगम के आयुक्त जी एस समीरन ने बताया कि शहर में बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है, हालांकि कुछ इलाकों में जलभराव हुआ है. नगर निगम ने जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने के लिए पंप और अतिरिक्त मोटर लगाई हैं. संवेदनशील इलाकों में विशेष टीम तैनात की गई हैं. यातायात प्रबंधन और तटीय इलाकों में समुद्री लहरों के कारण संभावित जलभराव से निपटने के लिए पुलिस के साथ समन्वय किया जा रहा है.
नगर निगम के अनुसार चेन्नई के 28 निगरानी केंद्रों पर भारी बारिश दर्ज की गई, जबकि पांच केंद्रों पर बहुत भारी बारिश हुई. इनमें मुख्य रूप से उत्तरी इलाके पार्रीज और मणली शामिल हैं. हालांकि, किसी भी इलाके में अत्यधिक या बेकाबू बारिश की स्थिति नहीं बनी है. शहर के बाहरी ग्रामीण हिस्सों में बागवानी फसलों को नुकसान पहुंचा है, जिनमें नारियल और केला की फसलें सर्वाधिक प्रभावित हुई हैं. इसके अलावा पपीता, मिर्च, टमाटर और अन्य सब्जी फसलों पर बुरा असर पड़ा है.
आईएमडी के मुताबिक बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में सक्रिय चक्रवाती तूफान मुरासु पिछले छह घंटे में 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा और गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया. रविवार देर रात ढाई बजे यह चेन्नई से करीब 260 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व, आंध्र प्रदेश के नेल्लोर से 290 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व और विशाखापत्तनम से करीब 470 किलोमीटर दक्षिण में केंद्रित था. सोमवार की रात आंध्र प्रदेश के तट से चक्रवात मुरासु के टकराने का अलर्ट जारी किया गया है.
मौसम विभाग ने कहा कि इसके उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और दो नवंबर की आधी रात से तीन नवंबर की सुबह के बीच नेल्लोर तथा नरसापुर के बीच ओंगोल के आसपास आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट को गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में पार करने की बहुत अधिक संभावना है. इस दौरान हवा की गति 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों के साथ 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.