एग्रीवेट: 23 अक्टूबर 2026, टीकमगढ़: टीकमगढ़ कलेक्टर ने खाद वितरण व्यवस्था का लिया जायजा – जिले में किसानों को मांग के अनुरूप खाद की सतत् उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। जिले में डीएपी खाद की पहली रैक पहुंच चुकी है, जबकि दूसरी रैक भी 23 अक्टूबर तक प्राप्त होने की संभावना है। इसके अतिरिक्त शासन द्वारा तीसरी रैक भेजने की भी स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे जिले में खाद की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सकेगा।
कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय ने गत दिनों बड़ागांव खुर्द सहकारी समिति का निरीक्षण कर खाद वितरण व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि जिले की सभी सहकारी समितियों में ऋणी किसानों को खाद उपलब्ध कराया गया है। बड़ागांव खुर्द सहकारी समिति में कुल 265 किसान हैं, जिनमें से 191 किसानों को खाद वितरित किया जा चुका है। इसके बावजूद समिति में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है।कलेक्टर श्री श्रोत्रिय ने बताया कि रेलवे रैक पहुंचने के बाद खाद को उतारकर संबंधित गोदामों अथवा सहकारी संस्थाओं तक पहुंचाया जाता है। इसके पश्चात प्राप्त खाद की वास्तविक मात्रा का मिलान कर मार्कफेड पोर्टल पर स्टॉक संबंधित प्रविष्टियां दर्ज की जाती हैं। इसके बाद भारत सरकार के पीएफएमएस पोर्टल पर खाद की प्राप्ति एवं स्टॉक का मिलान कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जाती हैं। इन प्रक्रियाओं के पूर्ण होने के बाद ही संबंधित खाद का स्टॉक ई-विकास पोर्टल पर ऑनलाइन बुकिंग के लिए प्रदर्शित होने लगता है।
सहकारी समितियों से जुड़कर खाद एवं ऋण सुविधा का लाभ लें किसान – कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय ने किसानों से अपील की कि वे सहकारी समितियों में नए सदस्य के रूप में जुड़कर समिति के माध्यम से खाद प्राप्त करने एवं ऋण सुविधा का लाभ उठाएं। उन्होंने बताया कि सहकारी समिति के सदस्यों को नियमानुसार शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण सुविधा उपलब्ध होती है, जिससे खाद प्राप्त करने में किसानों को सुविधा मिलती है।नए सदस्य बनने के लिए किसानों को अपना आधार कार्ड, समग्र आईडी, पैन कार्ड, भूमि संबंधी दस्तावेज तथा बैंक खाते का विवरण संबंधित शाखा प्रबंधक को उपलब्ध कराना होगा।
श्री श्रोत्रिय ने बताया कि समिति का सदस्य बनने और भूमि बंधक संबंधी प्रक्रिया में लगने वाला खर्च लगभग उतना ही होता है, जितना दूर स्थित मार्कफेड गोदाम से खाद के परिवहन में खर्च हो सकता है। समिति का सदस्य बनने से किसानों को खाद अपने नजदीकी केंद्र पर ही उपलब्ध हो जाती है, जिससे परिवहन संबंधी परेशानी और अतिरिक्त खर्च से बचा जा सकता है।कलेक्टर श्री श्रोत्रिय ने किसानों से आग्रह किया कि वे सहकारी समितियों की सदस्यता ग्रहण करने के लिए आगे आएं तथा उपलब्ध ऋण सुविधा का लाभ लेते हुए समितियों के माध्यम से खाद प्राप्त करें। किसानों की सुविधा और खाद की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा इस दिशा में अभियान चलाया जा रहा है।