शाहजहांपुर से ‘किसान चौपाल’ का आगाज, प्रगतिशील किसानों को मिली ‘कृषि सरताज’ की उपाधि – एग्रीवेट

Team Agrivate
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एग्रीवेट: शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, वैज्ञानिक खेती, पशुपालन और कृषि आधारित उद्यमों से जोड़ने के उद्देश्य से मिट्टी टेक (Mitti टेक), द रूरल इनसाइट (The Rural Insight) और किसान इंडिया (Kisan India) की संयुक्त पहल से ‘किसान चौपाल’ का आगाज उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले से हुआ. इस अभियान के तहत पहली किसान चौपाल का आयोजन NGS डिग्री कॉलेज, अल्हागंज, जनपद शाहजहांपुर में किया गया. कार्यक्रम में सैकड़ों किसानों ने कृषि पर अपने सवालों के जवाब पाए. इस दौरान कृषि, कृषि रक्षा, पशुपालन, कृषि विज्ञान और उद्योग विभाग से जुड़े अधिकारियों एवं विशेषज्ञों की मौजूदगी में किसानों को विभिन्न विषयों पर जानकारी देने तथा उनकी समस्याओं और संभावनाओं पर संवाद करने का मंच मिला.

किसान चौपाल का उद्देश्य किसानों और कृषि विशेषज्ञों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना, खेती-किसानी से जुड़ी व्यावहारिक जानकारियों को गांवों तक पहुंचाना और प्रगतिशील किसानों के अनुभवों को दूसरे किसानों के साथ साझा करना है. इस पहल के माध्यम से किसानों को परंपरागत खेती के साथ-साथ आधुनिक तकनीक, वैकल्पिक फसलों, जैविक खाद, डेयरी उद्योग और कृषि आधारित स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है.

उप कृषि निदेशक पुरुषोत्तम कुमार मिश्र, कृषि रक्षा अधिकारी संजय कुमार, एडीओ एग्रीकल्चर अवनीश कुमार, कृषि विज्ञान केंद्र शाहजहांपुर के कृषि वैज्ञानिक डॉ. महेश कुमार, डिप्टी सीवीओ विक्रम सिंह तथा जिला उद्योग केंद्र, शाहजहांपुर के असिस्टेंट मैनेजर अरुण कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे.

किसानों ने जाने खेती को लाभकारी बनाने के तरीके

कृषि विभाग के उप कृषि निदेशक पुरुषोत्तम कुमार मिश्र ने किसानों के बीच कृषि विभाग की भूमिका और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए विभागीय योजनाओं एवं आधुनिक कृषि पद्धतियों के महत्व पर जानकारी साझा की. किसानों के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने, कृषि संबंधी सुविधाओं की जानकारी प्राप्त करने और खेती में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने जैसे विषयों पर विभागीय मार्गदर्शन की उपयोगिता पर जोर दिया गया.

कृषि रक्षा अधिकारी संजय कुमार ने फसलों को कीटों एवं रोगों से सुरक्षित रखने, फसल की नियमित निगरानी करने और कृषि रक्षा उपायों को वैज्ञानिक तरीके से अपनाने के महत्व पर चर्चा की. फसलों में समस्या आने पर सही पहचान और उचित उपचार के लिए विशेषज्ञों की सलाह लेने की आवश्यकता भी इस विषय के केंद्र में रही.

एडीओ एग्रीकल्चर अवनीश कुमार ने कृषि विभाग की गतिविधियों और किसानों तक कृषि संबंधी योजनाओं एवं तकनीकी जानकारियों को पहुंचाने में विभाग की भूमिका पर जानकारी दी. किसानों के लिए उपलब्ध कृषि सेवाओं तथा खेती की उत्पादकता बढ़ाने के प्रयासों को लेकर विभागीय सहयोग का महत्व रेखांकित किया गया.

कृषि विज्ञान केंद्र शाहजहांपुर के कृषि वैज्ञानिक डॉ. महेश कुमार ने वैज्ञानिक खेती, आधुनिक कृषि तकनीकों और फसल उत्पादन में बेहतर पद्धतियों को अपनाने के महत्व पर चर्चा की. कृषि वैज्ञानिकों के अनुभव और तकनीकी सलाह किसानों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप खेती के बेहतर विकल्प चुनने में मदद कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करके किसान कृषि लागत को कम कर सकते हैं

पशुपालन विभाग से डिप्टी सीवीओ विक्रम सिंह की उपस्थिति ने पशुपालकों के लिए पशु स्वास्थ्य, देखभाल और डेयरी व्यवसाय से जुड़े विषयों को भी किसान चौपाल के व्यापक उद्देश्य से जोड़ा. वहीं, जिला उद्योग केंद्र, शाहजहांपुर के असिस्टेंट मैनेजर अरुण कुमार सिंह ने कृषि के साथ उद्योग एवं उद्यमिता की संभावनाओं पर विभागीय दृष्टिकोण प्रस्तुत किया. कृषि आधारित व्यवसायों को विकसित करने, स्वरोजगार के अवसर तलाशने और किसानों को उद्यमी के रूप में आगे बढ़ाने की दिशा में उद्योग विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण है.

किसान चौपाल का एक महत्वपूर्ण आकर्षण उन किसानों का सम्मान रहा, जिन्होंने कृषि एवं कृषि आधारित व्यवसायों के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है. कार्यक्रम के मंच से चार प्रगतिशील किसानों को उनके कार्य और विशिष्ट योगदान के लिए ‘कृषि सरताज’ की उपाधि से सम्मानित किया गया.

अंशुल मिश्र — ड्रैगन फ्रूट की खेती: वैकल्पिक एवं उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती से जुड़े उनके कार्य को प्रगतिशील कृषि के उदाहरण के रूप में रेखांकित किया गया.

ज्ञानेश तिवारी — वर्मी कम्पोस्ट: जैविक खाद एवं वर्मी कम्पोस्ट के क्षेत्र में उनके कार्य को खेती में मृदा स्वास्थ्य और टिकाऊ कृषि पद्धतियों के महत्व से जोड़कर देखा गया.

विशाल शर्मा — डेयरी उद्योग: डेयरी व्यवसाय के माध्यम से कृषि के साथ पशुपालन और अतिरिक्त आय की संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए उन्हें सम्मानित किया गया.

आलोक मिश्र — ‘कछुआ मैन’ एवं डेयरी उद्योग: अपने विशिष्ट परिचय और डेयरी उद्योग से जुड़े कार्यों के लिए उन्हें ‘कृषि सरताज’ की उपाधि प्रदान की गई.

किसानों का सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों की सराहना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में नवाचार, उद्यमिता और नए कृषि विकल्पों को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है.  ऐसे किसान दूसरे किसानों के लिए प्रेरणा बन सकते हैं और अपने अनुभवों के माध्यम से गांवों में खेती-किसानी को बेहतर बनाने में योगदान दे सकते हैं.

प्रगतिशील किसानों को मंच से सम्मानित किया गया.

मिट्टी टेक, द रूरल इनसाइट और किसान इंडिया की संयुक्त पहल ‘किसान चौपाल’ किसानों को जानकारी देने के साथ-साथ उनकी बात सुनने, उनके अनुभवों को सामने लाने और कृषि से जुड़े विभिन्न हितधारकों के बीच संवाद स्थापित करने का प्रयास है. इसका उद्देश्य कृषि विशेषज्ञों, प्रशासनिक अधिकारियों, प्रगतिशील किसानों और ग्रामीण समुदायों को एक मंच पर लाकर स्थानीय जरूरतों के अनुरूप समाधान तलाशने की संभावनाओं को मजबूत करना है.

शाहजहांपुर के अल्हागंज से इस अभियान की शुरुआत ग्रामीण कृषि संवाद की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आई. कार्यक्रम में किसानों की भागीदारी और विभिन्न विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी ने इस तरह के आयोजनों की प्रासंगिकता को रेखांकित किया.

‘किसान चौपाल’ की मूल भावना है कि गांव की जरूरतों और किसानों के अनुभवों को केंद्र में रखकर कृषि से जुड़े सवालों पर सीधी बातचीत हो. खेती, पशुपालन, वैज्ञानिक तकनीक और कृषि उद्यमिता जैसे विषयों पर संवाद के माध्यम से यह पहल किसानों को नई जानकारियों, संभावनाओं और उपयोगी मार्गदर्शन से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रही है.

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