आज से गन्ना पेराई सीजन शुरू, मूल्य बढ़ोत्तरी को लेकर किसानों का प्रदर्शन.. मिल गेट और सड़कों पर बैठे – एग्रीवेट

Team Agrivate
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आज से गन्ना पेराई सीजन शुरू, मूल्य बढ़ोत्तरी को लेकर किसानों का प्रदर्शन.. मिल गेट और सड़कों पर बैठे - एग्रीवेट - गन्ना पेराई सीजन

एग्रीवेट: महाराष्ट्र में 15 अक्टूबर से गन्ना पेराई सत्र की शुरुआत हो गई है, लेकिन किसान गन्ना मूल्य बढ़ोत्तरी को लेकर लामबंद हैं. वहीं, कर्नाटक में भी किसान गन्ना पेराई से पहले गन्ना मूल्य बढ़ाने की मांग करते हुए सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया है. बता दें कि महाराष्ट्र में स्वाभिमानी शेतकरी संगठन  और कर्नाटक में राज्य किसान संघ के नेतृत्व में किसान सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं. इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गन्ना किसानों से अपील की है कि वे पेराई सीजन शुरू करने दें. चीनी मिलों का समय से शुरू होना जरूरी है, क्योंकि चीनी की कमी को पूरा करना है. उन्होंने कहा कि किसानों की मांगों पर विचार किया जा रहा है और केंद्र सरकार से सहयोग मांगा गया है.

महाराष्ट्र में स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के नेतृत्व में गन्ना किसान आंदोलन कर रहे हैं. किसान गन्ने की कीमतों, इथेनॉल की दरों और अन्य मांगों को लेकर मंगलवार से महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा पर विरोध-प्रदर्शन चल रहा है. इस विरोध-प्रदर्शन के कारण बुधवार सुबह व्यस्त मुंबई-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई. महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा पर यह विरोध-प्रदर्शन और तेज हो गया है. किसान अपने गन्ने के लिए बेहतर कीमतों की मांग को लेकर मुंबई-बेंगलुरु राजमार्ग को जाम कर रहे हैं. किसान नेता राजू शेट्टी ने चीनी मिलों को मूल्य बढ़ाने से पहले पेराई नहीं करने की चेतावनी दी गई है.

कर्नाटक के किसान भी गन्ना मूल्य बढ़ोत्तरी की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. बागलकोट जिले के हुनागुंड में कर्नाटक राज्य किसान संघ और हसिरु सेना से जुड़े किसानों ने सुबह-सुबह जबरदस्त सड़क पर उतरकर जमकर हंगामा और कड़ा विरोध प्रदर्शन किया . किसानों ने सड़क जामकर नारेबाजी की और गन्ना मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करने की मांग की है. उन्होंने राज्य और केंद्र सरकारों से गन्ना किसानों की मांगों को तुरंत पूरा करने की मांग करते हुए रायचूर-सोलापुर नेशनल हाईवे को जाम कर दिया. जिससे यात्रियों तथा वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गन्ना किसानों से अपील की कि वे चीनी मिलों के साथ सहयोग करें ताकि ‘क्रशिंग सीजन’ जल्दी शुरू हो सके. उन्होंने सूखे के कारण गन्ने की कम पैदावार और वित्तीय चुनौतियों का हवाला दिया. फडणवीस ने बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने चीनी मिलों से 15 अक्टूबर से पेराई शुरू करने को कहा है, जबकि पड़ोसी राज्य कर्नाटक में मिलों ने 1 अक्टूबर से ही काम शुरू कर दिया है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यहां काम शुरू करने में देरी हुई, तो कर्नाटक की मिलें महाराष्ट्र से गन्ना खरीद सकती हैं, जिससे राज्य की चीनी मिलों के लिए पेराई की अवधि कम हो सकती है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सीजन में गन्ने की पैदावार कम होने से गन्ने की उपलब्धता सीमित रहेगी और पेराई का समय भी कम हो जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि चीनी की मौजूदा कमी को देखते हुए, मिलों का काम जल्दी शुरू करना जरूरी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सूखे जैसे हालात के कारण किसान और चीनी मिलें, दोनों ही दबाव में हैं. उन्होंने प्रदर्शनकारियों से सहयोग करने की अपील की.

उन्होंने कहा कि सूखे से प्रभावित किसानों की मदद के लिए सरकार ने 5,000 रुपये की अग्रिम राशि देने की एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि है. साथ ही सूखा राहत का दायरा 265 तालुकों से बढ़ाकर 305 तालुकों तक कर दिया गया है. यह अग्रिम राशि इसलिए दी गई है ताकि किसानों को तुरंत मदद मिल सके, जबकि बाकी सहायता राशि बाद में जारी की जाएगी. उन्होंने बताया कि सरकार ने राहत के लिए 12 कदम उठाए हैं.

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